Weight Loss Treatment: मोटापा अब बीमारी है, आदत नहीं। जानिए भारत में बढ़ते मोटापे का खतरा, GLP-1 दवाएं क्या हैं और वजन घटाने में कैसे मदद करती हैं।
Weight Loss Treatment: मोटापा आज सिर्फ दिखने की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह एक गंभीर और लंबे समय तक रहने वाली बीमारी बन चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक दुनिया भर में 1 अरब से ज्यादा लोग मोटापे से जूझ रहे हैं और लगभग हर देश में इसके मामले बढ़ते जा रहे हैं। WHO ने मोटापे को एक ऐसी बीमारी बताया है जो जेनेटिक्स, दिमाग के हार्मोन, खाने की आदतों, हेल्दी डाइट की उपलब्धता और आसपास के माहौल से मिलकर पैदा होती है।
भारत में भी मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (2019-21) के अनुसार, भारत में हर चार में से एक पुरुष या महिला मोटापे या ओवरवेट की श्रेणी में आता है। खास बात यह है कि मोटापा अब सिर्फ शहरों या अमीर तबके तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांवों और मध्यम वर्ग में भी तेजी से फैल रहा है। द लैंसेट में छपी एक स्टडी के मुताबिक, भारत में महिलाओं में पेट का मोटापा करीब 40% और पुरुषों में 12% है। 30 से 49 साल की उम्र की 5-6 महिलाएं पेट के मोटापे से परेशान हैं। यह समस्या उम्र बढ़ने, शहरी जीवनशैली, कम शारीरिक गतिविधि और खानपान से जुड़ी हुई है।
एक सर्वे में सामने आया कि सिर्फ 53% लोग मोटापे को बीमारी मानते हैं। बाकी लोग इसे सिर्फ लाइफस्टाइल की समस्या समझते हैं या इसे लेकर साफ नहीं हैं। जबकि हकीकत यह है कि मोटापा दिल की बीमारी, डायबिटीज, हार्मोनल गड़बड़ी और कई दूसरी गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है।
मोटापे के इलाज में अब GLP-1 RA दवाओं की चर्चा तेज है। ये दवाएं शरीर में मौजूद GLP-1 हार्मोन की तरह काम करती हैं। भारत में Ozempic, Wegovy और Mounjaro जैसी दवाएं अब टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे के इलाज के लिए उपलब्ध हैं।
GLP-1 दवाएं दिमाग के उस हिस्से पर असर डालती हैं जो भूख को कंट्रोल करता है। इससे जल्दी पेट भरने का एहसास होता है और ज्यादा खाने की इच्छा कम होती है। ये दवाएं पाचन को भी थोड़ा धीमा कर देती हैं, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहती है। रिसर्च बताती है कि इनके इस्तेमाल से 6 से 12 महीनों में 5-15% तक वजन कम हो सकता है। हालांकि डॉक्टर साफ कहते हैं कि ये कोई जादुई दवा नहीं हैं। बेहतर नतीजों के लिए इन्हें सही डाइट और नियमित एक्सरसाइज के साथ लेना जरूरी है।
सिर्फ 5-10% वजन कम करने से भी शरीर को बड़े फायदे मिलते हैं। ब्लड शुगर कंट्रोल होती है, डायबिटीज का खतरा कम होता है और दिल की सेहत सुधरती है। फैटी लिवर, स्लीप एपनिया, जोड़ों के दर्द और थकान में भी काफी राहत मिलती है। साथ ही मूड बेहतर होता है और एनर्जी बढ़ती है।