
Oral Thrush Cause: अक्सर सुबह सोकर उठने के बाद जब हम शीशा देखते हैं, तो जीभ पर एक अजीब सी सफेद गाढ़ी परत या छोटे-छोटे धब्बे दिखाई देते हैं। पहली बार में तो हम यही सोचते हैं कि शायद पेट साफ नहीं है या ब्रश ठीक से नहीं हुआ। हम जीभ साफ करने वाले (टंग क्लीनर) से उसे रगड़ने लगते हैं, लेकिन वो साफ नहीं होती। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो संभल जाइए। एनएचएस के अनुसार, यह कोई आम गंदगी नहीं, बल्कि मुंह का एक फंगल इन्फेक्शन हो सकता है, जिसे ओरल थ्रश (Oral Thrush) कहते हैं।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, हमारे मुंह के अंदर पहले से ही कई तरह के छोटे-छोटे बैक्टीरिया और फंगस रहते हैं, जो चुपचाप अपना काम करते हैं और हमें कोई नुकसान नहीं पहुंचाते। लेकिन कभी-कभी जब हमारे शरीर का बैलेंस बिगड़ता है, तो इनमें से एक फंगस (जिसे कैंडिडा कहते हैं) अचानक बहुत तेजी से बढ़ने लगता है। यह वैसे तो किसी को भी हो सकता है, लेकिन छोटे बच्चों और बुजुर्गों में यह ज्यादा देखने को मिलता है।
1. ज्यादा एंटीबायोटिक दवाएं खाना- जब हम किसी दूसरी बीमारी (जैसे बुखार या खांसी) के लिए भारी-भरकम एंटीबायोटिक गोलियां खाते हैं, तो वो दवाएं हमारे मुंह के अच्छे बैक्टीरिया को भी मार देती हैं। नतीजा ये होता है कि फंगस को पैर पसारने का खुला मौका मिल जाता है।
2. अस्थमा का इन्हेलर इस्तेमाल करना- जो लोग सांस या अस्थमा के लिए पंप (इन्हेलर) लेते हैं और दवा खींचने के बाद मुंह साफ नहीं करते, उनके मुंह में यह फंगस जल्दी पनपता है।
3. नकली दांतों की ठीक से सफाई न होना- जो बुजुर्ग मुंह में बत्तीसी या नकली दांत लगाते हैं और रात को उसे बिना साफ किए सो जाते हैं, उन्हें ओरल थ्रश होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
4.कमजोर इम्यूनिटी या मुंह का सूखना- अगर शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत कम है या मुंह में थूक (लार) कम बनता है, तो भी यह दिक्कत हो सकती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।