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WHO Alert: क्या आप भी कमरे के अंदर सुखाते हैं गीले कपड़े? सावधान! अनजाने में आप घर को बना रहे हैं बीमारियों का गोदाम

WHO Alert: क्या आप भी बारिश या सर्दी में घर के अंदर कपड़े सुखाते हैं? सावधान! WHO की गाइडलाइन के अनुसार यह आदत आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। जाने इंडोर एयर क्वालिटी और फंगस से जुड़े खतरें।

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भारत

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Pratiksha Gupta

Jan 13, 2026

Indoor Drying Health Risk, WHO alert, WHO guidelines

WHO Alert On Drying Clothes In Room | (फोटो सोर्स- GeminiAI)

WHO Alert: कड़ाके की ठंड़ हो या मानसून में लगातार होने वाली बारिश, कपड़ों को सुखाना एक बड़ी प्रॉब्लम बन जाती है। जब बाहर धूप नहीं निकलती, तो अक्सर हम घर के कमरों, बालकनी के पास या पंखे के नीचे कपड़े फैला देते हैं। दिखने में यह एक नॉर्मल घर का काम जैसा लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपकी और आपके परिवार की सेहत के लिए साइलेंट किलर साबित हो सकती है?

नमी और फंगस का खतरनाक मेल

जब हम गीले कपड़ों को घर के अंदर सुखाते हैं, तो उनमें मौजूद पानी भाप बनकर कमरे की हवा में मिल जाता है। एक अनुमान के मुताबिक, एक बार की धुलाई के कपड़े हवा में सुखाने से लगभग 2 लीटर पानी हवा में घुल जाता है। अगर कमरे में वेंटिलेशन (हवा आने-जाने का रास्ता) सही न हो, तो यह नमी दीवारों और कोनों में जमा होने लगती है, जिससे फफूंदी होने लगती है।

​क्या कहती है WHO की गाइडलाइन?

​विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि घर के भीतर अधिक नमी और सीलन कई बीमारियों की जड़ है। WHO के अनुसार, सीलन भरे घरों में रहने वाले लोगों को सांस संबंधी बीमारियां होने का खतरा 75% तक बढ़ जाता है। ​हवा में मौजूद नमी 'Aspergillus' जैसी खतरनाक फफूंदी को जन्म देती है, जो फेफड़ों में इंफेक्शन पैदा कर सकती है। यह स्थिति अस्थमा के मरीजों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए जानलेवा हो सकती है।

सेहत पर होते हैं ये बुरे असर

घर के अंदर कपड़े सुखाने से न केवल नमी बढ़ती है, बल्कि डिटर्जेंट में मौजूद केमिकल्स के बारीक कण भी हवा में घुल जाते हैं। इससे आपको ये दिक्कतें पैदा हो सकती है।

  • एलर्जी और खांसी: हवा में मौजूद फंगस के बीजाणु (Spores) नाक और गले में जलन पैदा करते हैं।
  • स्किन इन्फेक्शन: नमी के कारण डस्ट पार्टिकल्स बढ़ जाते हैं, जो स्किन इंफेक्शन का कारण बनते हैं।
  • बुजुर्गों और बच्चों को खतरा: छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लंग्स सेंसिटिव होते हैं और उन पर इसका असर भी सबसे जल्दी होता है।

बचाव के उपाय क्या हो सकते हैं?

​अगर आपको मजबूरी में कपड़े अंदर सुखाने पड़ें, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें:

  • कपड़े सुखाते समय खिड़कियां खुली रखें ताकि फ्रेश हवा आती रहें।
  • जिस कमरे में कपड़े हों, वहां का एग्जॉस्ट फैन जरूर चलाएं।
  • हवा से नमी सोखने वाली मशीन (Dehumidifier) का यूज करें।
  • कपड़ों को मशीन में अच्छी तरह सुखाने के बाद ही कमरे में फैलाएं।