स्वास्थ्य

Ovarian Cancer: कम उम्र, बड़ा खतरा! क्यों तेजी से बढ़ रहा है ओवरी कैंसर भारतीय महिलाओं में? लक्षण और बचाव जानिए

Ovarian Cancer: हाल के कुछ वर्षों में डॉक्टरों ने देखा है कि ओवरी कैंसर अब 40–50 साल की महिलाओं में भी सामने आ रही है। यह बदलाव मेडिकल फील्ड के लिए चिंता का कारण है।
2 min read
• •
Updated: 22 Sep 2025, 10:06 AM IST
Ovarian cancer in younger women,Causes of ovarian cancer,
Causes of ovarian cancer in young women|फोटो सोर्स – Freepik

Ovarian Cancer Warning Signs: ओवरी कैंसर को लंबे समय तक एक ऐसी बीमारी माना जाता रहा, जो ज्यादातर बुज़ुर्ग महिलाओं में पाई जाती थी। लेकिन हाल के कुछ वर्षों में डॉक्टरों ने देखा है कि यह बीमारी अब 40–50 साल की महिलाओं में भी सामने आ रही है। यह बदलाव मेडिकल फील्ड के लिए चिंता का कारण है और एक बड़ा सवाल खड़ा करता है आखिर युवा महिलाओं में ओवरी कैंसर तेजी से क्यों बढ़ रहा है? जानिए ओवरी कैंसर के लक्षण और बचाव के तरीकों से जुड़ी पूरी जानकारी।

एक मामला जो चेतावनी देता है- केस

मुंबई की 54 वर्षीय महिला को लंबे समय तक हल्का पेट दर्द और भारीपन होता रहा, जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। जब जांच कराई गई, तब तक एडवांस स्टेज का हाई-ग्रेड सिरस ओवरी कैंसर हो चुका था। खून में CA-125 काफी बढ़ा हुआ था और BRCA1 जीन म्यूटेशन भी पाया गया। पहले कीमोथेरेपी और फिर सर्जरी के बाद स्कैन में कोई कैंसर नहीं दिखा। चूंकि उनमें आनुवांशिक जोखिम था, इसलिए टार्गेटेड थेरेपी से इलाज जारी रहा। यह केस दिखाता है कि समय पर इलाज से एडवांस कैंसर भी काबू में लाया जा सकता है।

आखिर क्यों बढ़ रहा है कम उम्र में ओवरी कैंसर का खतरा?

बदलती जीवनशैली और बढ़ता मोटापा

शहरी जीवन की तेज रफ्तार और अनियमित दिनचर्या के कारण महिलाओं में मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम तेजी से बढ़ रहे हैं। शरीर में अतिरिक्त चर्बी एस्ट्रोजन हार्मोन और सूजन को बढ़ाती है, जो ओवरी कैंसर की संभावना को ज्यादा कर देती है।

हार्मोनल बदलाव

आजकल कई महिलाएं देर से शादी कर रही हैं या मां बनने का फैसला टाल रही हैं। जबकि गर्भावस्था और स्तनपान ओवरी कैंसर से सुरक्षा प्रदान करते हैं क्योंकि इस दौरान ओव्यूलेशन कम होता है और हार्मोन का असर घटता है।

PCOS और प्रजनन से जुड़ी समस्याएं

Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) अब युवतियों में बहुत आम हो चुका है। लगातार अनियमित पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन ओवरी कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं।

जेनेटिक फैक्टर

कुछ महिलाओं में BRCA1 और BRCA2 जैसे जीन म्यूटेशन मौजूद होते हैं, जिससे कम उम्र में कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। भारत में अभी भी जेनेटिक टेस्टिंग आम नहीं है, जिसकी वजह से कई महिलाएं इस खतरे से अनजान रहती हैं।

पर्यावरण और बाहरी कारण

प्रदूषण, तनाव, मिलावटी भोजन और हार्मोन को प्रभावित करने वाले केमिकल्स – ये सभी कारक खासकर शहरों की महिलाओं के लिए नए खतरे पैदा कर रहे हैं।

ओवरी कैंसर के शुरुआती लक्षण

  • पेट या पेल्विक एरिया में लगातार सूजन, दर्द या असहज महसूस होना
  • जल्दी पेट भर जाना या खाना खाने में परेशानी
  • बार-बार पेशाब आने की इच्छा
  • बिना कारण थकावट या ऊर्जा की कमी
  • पीरियड्स में अनियमितता या बदलाव
  • अगर इनमें से कोई लक्षण लगातार बने रहे, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

ओवरी कैंसर के इलाज के विकल्प

  • सर्जरी (ऑपरेशन)
  • कीमोथेरेपी
  • टारगेटेड थेरेपी
  • हार्मोन थेरेपी
  • रेडिएशन थेरेपी
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
22 Sep 2025, 10:06 AM IST
Published on:
Also Read
View All
पुलिस की दोहरी कार्रवाई: 27 किलो डोडा चूरा के साथ गिरफ्तार आरोपी के घर चल रही थी नकली घी की फैक्ट्री

Cancer Pain: कैंसर के दर्द को सहना जरूरी नहीं, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानिए दर्द से राहत देने वाले उपचार और प्रभावी तरीके

Age Regression: डर, तनाव या पुराने सदमे से जुड़ा हो सकता है बचपन जैसा व्यवहार, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानिए एज रिग्रेशन के संकेत

Shamonda Virus Explained: फ्रांस में पहली बार इंसान में कैसे पहुंचा शामोन्डा वायरस, WHO और ECDC से जानें फैलने का तरीका

World Polio Day 2026: क्या आपके बच्चे का पोलियो टीकाकरण पूरा है? सीडीसी से जानें कैसे काम करती है ये वैक्सीन, OPV और fIPV का सही चार्ट