Ozempic Weight Loss: Ozempic, Wegovy और Mounjaro जैसे GLP-1 weight loss drugs कैसे काम करते हैं? क्या ये सुरक्षित हैं या लत लगती है? डॉक्टर से समझिए पूरी सच्चाई।
Ozempic Weight Loss: आजकल Ozempic, Mounjaro, Wegovy जैसे वजन घटाने वाले इंजेक्शन हर जगह चर्चा में हैं। सोशल मीडिया हो, टीवी डिबेट हो या फिर डिनर टेबल की बातें हर जगह लोग इन्हीं दवाओं के बारे में बात कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या Ozempic वाकई कोई चमत्कारी दवा है या सिर्फ ट्रेंड बन गया है? इस बारे में गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वात्स्य अपनी बात रखते हैं।
डॉ. वात्स्य बताते हैं कि इन दवाओं को बनाने में वैज्ञानिकों को लगभग 20 साल की रिसर्च करनी पड़ी। ये दवाएं किसी जल्दबाजी में नहीं आईं, बल्कि लंबे और सख्त क्लिनिकल ट्रायल्स से होकर गुजरी हैं। इसके बाद ही इन्हें US FDA की मंजूरी मिली है। उनका कहना है कि जब कोई व्यक्ति बहुत कोशिशों के बाद भी वजन नहीं घटा पाता, तो Ozempic जैसी दवाएं उसे एक “किकस्टार्ट” देती हैं। इससे वजन घटाने की शुरुआत होती है और सबसे जरूरी बात उम्मीद मिलती है।
डॉ. वात्स्य इसे एक आसान उदाहरण से समझाते हैं। अगर कोई ऐसा व्यक्ति जिसने कभी एक्सरसाइज नहीं की, उससे कहा जाए कि 100 किलो बेंच प्रेस मारो, तो वह खुद को चोट पहुंचा सकता है। पहले शरीर को तैयार करना पड़ता है। यही काम ये दवाएं करती हैं। साइड इफेक्ट्स पर वे साफ कहते हैं कि हर दवा के कुछ न कुछ साइड इफेक्ट होते हैं, लेकिन यहीं डॉक्टर की भूमिका अहम हो जाती है सही मरीज, सही डोज और सही निगरानी।
GLP-1 का पूरा नाम है Glucagon-like Peptide-1। यह एक नेचुरल हार्मोन है, जो खाना खाने के बाद शरीर में ब्लड शुगर और भूख को कंट्रोल करता है। वैज्ञानिकों ने इसे करीब 50 साल पहले पहचाना था, लेकिन इसके सही इस्तेमाल तक पहुंचने में कई दशक लगे। 2005 में पहली GLP-1 दवा Exenatide को मंजूरी मिली। इसके बाद से इस पर लगातार रिसर्च होती रही। ये दवाएं शरीर में तीन तरह से काम करती हैं।
पैंक्रियास को इंसुलिन रिलीज करने में मदद करती हैं। पेट से खाना धीरे-धीरे आगे बढ़ने देती हैं, जिससे देर तक पेट भरा लगता है। दिमाग के उस हिस्से पर असर डालती हैं जो भूख और क्रेविंग को कंट्रोल करता है। इसी वजह से इंसान कम खाता है और वजन घटने लगता है।
अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं है कि GLP-1 दवाएं नशे की लत लगाती हैं। उल्टा कुछ रिसर्च में यह भी सामने आया है कि ये शराब या अन्य गलत आदतों की क्रेविंग को कम कर सकती हैं। हां, यह सच है कि कुछ लोगों को दवा छोड़ने का डर लगता है, क्योंकि वजन दोबारा बढ़ सकता है। इसे लत नहीं कहा जा सकता, लेकिन इस डर को नजरअंदाज भी नहीं किया जाना चाहिए। ये दवाएं लाइफस्टाइल बदलने में मदद के लिए होती हैं, उसका विकल्प नहीं। सही खानपान, हल्की एक्सरसाइज, अच्छी नींद ये सब साथ में जरूरी हैं। डॉक्टर आमतौर पर सलाह देते हैं कि लक्ष्य वजन पाने के बाद दवा को धीरे-धीरे कम किया जाए, न कि अचानक बंद किया जाए।