Pesticide Fruits Health Risks : आजकल बाजार में आम, एपल, कीवी, ड्रेगन फ्रूट आदि फलों पर स्टीकर लगे होते हैं। कहीं आप इन फलों को बिना सोचे-समझे तो नहीं खरीद रहे । स्टीकर लगे फल आपकी सेहत (Health) बिगाड़ सकते हैं।
Pesticide Fruits Health Risks : स्टीकर लगे फल आपकी सेहत (Health) बिगाड़ सकते हैं। यही नहीं, ऐसे फल आपको कैंसर व अन्य घातक बीमारियां दे सकते हैं। इस संबंध में नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने सोशल मीडिया पर लोगों को चेताया है। वहीं, पत्रिका रिपोर्टर ने भी फल और सब्जी विक्रेताओं से इस बारे में बात की तो वे भी स्टीकर्स और उन पर छपे कोड के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पाए ।
Pesticide Fruits Health Risks : नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने सोशल मीडिया पर लोगों को बताया कि किसी फल के स्टीकर का कोड अगर 9 से शुरू होता है और यह संख्या पांच अंकों की है (जैसे 90412) तो यह फल जैविक रूप (ऑर्गेनिक तरीके) से उगाया गया है। यह फल आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। वहीं, अगर किसी फल का कोड 8 से शुरू होता है और पांच अंकों का है (जैसे 80412) तो फल में आनुवंशिक संशोधन किया गया है। इस तरह के फल गैर जैविक फल (इन ऑर्गेनिक) होते हैं।
01 स्टीकर लगे फल और सब्जियां जरूरी नहीं कि प्रीमियम क्वालिटी के हों।
02 कोड वाले फल खरीदने से पहले कोड का मतलब समझें और खाने से पहले स्टीकर हटा दें।
03 फर लगे स्टीकर वाली जगह का छिल्का आवश्यक रूप से हटा दें।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण एडवाइजरी जारी कर चुका है कि व्यापारी फलों को बढ़िया दिखाने के लिए स्टीकरों का प्रयोग न करें। फलों पर लगे स्टीकर के कोड का मतलब उन्हें खुद भी पता होना चाहिए और आमजन को भी बताया जाना चाहिए। स्टीकर बॉक्स या पैकेजिंग पर लगाए जाने चाहिए न कि फल और सब्जी पर । अमूमन स्टीकर पर लगा गोंद बेहद खराब क्वालिटी का होता है। यह फलों को खराब करता है और कैंसर (Pesticide Fruits Health Risks) जैसी बीमारी का कारण भी बनता है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत फल और सब्जियों में मोम, खनिज तेल, रंगों की पॉलिश नहीं की जा सकती है।
Pesticide Fruits Health Risks : फल या सब्जी की सतह पर रोम छिद्र होते हैं, जो सब कुछ अवशोषित कर लेते हैं। सर्वेक्षणों में पाया गया है कि स्टीकरों में लगा गोंद कैंसर व कई अन्य तरह के संक्रमण और बीमारियां दे सकता है। धूप में जब ये फल और सब्जियां खुले में बिकती हैं तो सूर्य की रोशनी से हानिकारक स्टीकर के गोंद का प्रभाव बहुत अधिक बढ़ जाता है।
फलों पर जो स्टीकर्स होते हैं, गारंटी नहीं होते हैं। कई बार फल का सड़ा-गला भाग छिपाने के लिए भी स्टीकर लगा दिया जाता है। फलों की फ्रेशनेस को परखना जरूरी है। अशोक गुप्ता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग
स्टीकर्स को आमजन गुणवत्तापूर्ण मान लेते हैं। जबकि स्टीकर्स किसी भी फल की गुणवत्ता का आधार नहीं है।
मुकेश खिलवानी, अध्यक्ष, फल- सब्जी मंडी एसोसिएशन
मधुलिका सिंह