
Pitting and Non-Pitting Edema: अक्सर पैर, हाथ या चेहरे पर आई सूजन को हम आम बात मानकर छोड़ देते हैं। लेकिन शरीर की हर सूजन एक जैसी नहीं होती। मेडिकल की दुनिया में सूजन को एडिमा कहते हैं और यह दो तरह की होती है। इसे पहचानने का एक बहुत ही आसान तरीका है बस सूजी हुई जगह को उंगली से दबाकर देखना। आइए जानते हैं कि यह दोनों सूजन क्या हैं और इनमें क्या फर्क है।
इस सूजन को पहचानना सबसे आसान है। जब आप अपने सूजे हुए पैर या हाथ को उंगली से कुछ सेकंड के लिए दबाते हैं, तो वहां एक गड्ढा बन जाता है। जब आप उंगली हटाते हैं, तब भी वह गड्ढा तुरंत ठीक नहीं होता, बल्कि उसे भरने में थोड़ा समय लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि त्वचा के नीचे बहुत ज्यादा पानी (लिक्विड) जमा हो जाता है, जो दबाने पर आस-पास खिसक जाता है।
हेल्थलाइन के अनुसार, यह बिल्कुल अलग तरह की सूजन है। जब आप इस सूजी हुई जगह को अपनी उंगली से दबाएंगे, तो वहां कोई गड्ढा नहीं बनेगा। दबाने पर त्वचा तुरंत अपनी जगह पर वापस आ जाती है और छूने में यह सूजन थोड़ी सख्त या टाइट महसूस होती है। इसमें सिर्फ पानी जमा नहीं होता, बल्कि प्रोटीन या शरीर के दूसरे लिक्विड ब्लॉक हो जाते हैं। यह आमतौर पर थायराइड की कमी या शरीर की नसें (लिम्फैटिक सिस्टम) ब्लॉक होने की वजह से होती है।
सीधी और साफ बात यह है कि दोनों के बीच का अंतर सिर्फ एक उंगली दबाकर पता चल जाता है। अगर दबाने पर गड्ढा बने और वह थोड़ी देर तक वैसा ही रहे, तो वह पिटिंग एडिमा है। और अगर दबाने पर त्वचा कड़क लगे और कोई गड्ढा न बने, तो वह नॉन-पिटिंग एडिमा है।
अगर शरीर की सूजन अचानक बढ़ जाए, सिर्फ एक ही पैर में बहुत ज्यादा सूजन हो, या सूजन के साथ सांस फूलने और छाती में दर्द जैसी समस्या हो, तो इसे घरेलू इलाज के भरोसे बिल्कुल न छोड़ें। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए क्योंकि यह शरीर के अंदरूनी अंगों की बीमारी का संकेत हो सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।