स्वास्थ्य

Plague: अचानक तेज बुखार और शरीर में दर्द, कहीं ये प्लेग के लक्षण तो नहीं? WHO और CDC से जानें बीमारी की पूरी जानकारी

Plague: अचानक तेज बुखार, शरीर में दर्द और गिल्टियों में सूजन को न करें इग्नोर। WHO और CDC के अनुसार जानें क्या हैं प्लेग के लक्षण, इसके प्रकार और बचाव के उपाय।
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Oct 07, 2026
Illustration depicting plague symptoms including high fever, body ache, and swollen lymph nodes
निमोनिक प्लेग vs ब्यूबोनिक प्लेग समझें पूरी बीमारी- प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो सोर्स-@opinion_kings)

Plague Cause: अचानक तेज बुखार आना, सिर में तेज दर्द होना और पूरे शरीर में टूट जैसी थकान महसूस होना ये ऐसे लक्षण हैं जिन्हें हम अक्सर मौसम बदलने या सामान्य फ्लू (सर्दी-जुकाम) की वजह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतिहास में करोड़ों लोगों की जान लेने वाली बीमारी 'प्लेग' (Plague) के शुरुआती लक्षण भी बिल्कुल ऐसे ही होते हैं? प्लेग का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में इतिहास की किताबें और पुरानी महामारियों की यादें ताजा हो जाती हैं। हालांकि, मेडिकल साइंस की तरक्की और एंटीबायोटिक दवाइयों की वजह से आज यह बीमारी उतनी आम नहीं रही, फिर भी दुनिया के कुछ हिस्सों में इसके मामले आज भी सामने आते हैं। अगर प्लेग की पहचान शुरुआती चरण में ही हो जाए, तो इसका पूरी तरह से इलाज संभव है। आइए समझते हैं कि प्लेग क्या है, यह कैसे फैलता है और इसके मुख्य लक्षण क्या हैं।

क्या है प्लेग और यह कैसे फैलता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, प्लेग एक बहुत ही गंभीर और संक्रामक बीमारी है, जो 'यर्सिनिया पेस्टिस' (Yersinia pestis) नाम के बैक्टीरिया से फैलती है। यह बैक्टीरिया मुख्य रूप से चूहों, गिलहरियों और अन्य छोटे जंगली जानवरों में पाया जाता है। WHO और CDC के मुताबिक, यह बीमारी इंसानों में मुख्य रूप से तीन तरीकों से फैलती है;

  • पिसू (Fleas) के काटने से।
  • संक्रमित जानवर के संपर्क से।
  • हवा के जरिए (सांस द्वारा)।

प्लेग के प्रकार और उनके मुख्य लक्षण

अमेरिका की स्वास्थ्य एजेंसी 'सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (CDC) के अनुसार, प्लेग मुख्य रूप से तीन रूपों में होता है और हर रूप के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं;

1. ब्यूबोनिक प्लेग (Bubonic Plague)

यह प्लेग का सबसे आम रूप है। जब पिसू काटता है, तो बैक्टीरिया शरीर की लिम्फ नोड्स (गिल्टियों) में चला जाता है। अचानक बहुत तेज बुखार आना, ठंड लगना, सिरदर्द, कमजोरी और मांसपेशियों में तेज दर्द होना। गर्दन, कांख (Underarms) या जांघों (Groin) की गिल्टियों में सूजन आ जाना और उनमें असहनीय दर्द होना। इन सूजी हुई गिल्टियों को 'ब्यूबोस' (Buboes) कहा जाता है।

2. सेप्टिसेमिक प्लेग (Septicemic Plague)

जब प्लेग का बैक्टीरिया इंसान के खून में सीधे फैल जाता है और तेजी से बढ़ने लगता है, तो इसे सेप्टिसेमिक प्लेग कहते हैं। अत्यधिक बुखार, बहुत ज्यादा कमजोरी, पेट में तेज दर्द, दस्त और उल्टी इसके लक्षण हैं। शरीर के अंदरूनी हिस्सों से या नाक-मुंह से खून बहना शुरू हो सकता है। खून का दौरा रुकने के कारण हाथ और पैर की उंगलियां व नाक काली पड़ सकती हैं (जिसे गैंग्रीन कहते हैं)।

3. न्युमोनिक प्लेग (Pneumonic Plague)

यह प्लेग का सबसे खतरनाक और जानलेवा रूप है, क्योंकि यह सीधे फेफड़ों (Lungs) पर हमला करता है। सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ, छाती में तेज दर्द, खांसी के साथ खून या झागदार बलगम निकलना। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने या छींकने से बहुत तेजी से फैल सकता है।

क्या प्लेग का इलाज संभव है?

राहत की बात यह है कि प्राचीन समय की तुलना में आज प्लेग से डरने की जरूरत नहीं है। अगर मरीज को सही समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाए और समय रहते बीमारी की पहचान हो जाए, तो आधुनिक एंटीबायोटिक (Antibiotic) दवाइयों से इसका पूरी तरह इलाज किया जा सकता है। लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि यदि इलाज में देरी हो जाए, विशेष रूप से न्युमोनिक प्लेग के मामले में, तो यह स्थिति 24 से 48 घंटे के भीतर मरीज के लिए बेहद खतरनाक या जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए शुरुआती लक्षणों को पहचानना सबसे जरूरी है।

इससे बचाव के आसान उपाय

WHO और CDC बीमारियों से बचाव के लिए कुछ बुनियादी बातें ध्यान में रखने की सलाह देते हैं;

  • चूहों और जंगली जानवरों को घर के अंदर या आसपास पनपने न दें।
  • कूड़ा-कचरा खुला न छोड़ें।
  • कुत्ते या बिल्लियों को बाहर घुमाने के बाद पिसू (Fleas) से बचाने वाली दवाओं या पाउडर का इस्तेमाल करें।
  • बीमार या मरे हुए जानवरों से दूरी बनाएं।
  • पिसू निरोधक (Insect Repellent) का उपयोग करें।

रूस में हाल ही में साइबेरियाई क्षेत्र में लैब कर्मचारी की संदिग्ध मौत के बाद न्युमोनिक प्लेग (Pneumonic Plague) के संभावित प्रकोप का मामला सुर्खियों में आया है, जिसको लेकर अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां और डब्ल्यूएचओ (WHO) सतर्क हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
07 Oct 2026 02:33 pm
Published on:
07 Oct 2026 02:30 pm