स्वास्थ्य

Prediabetes Symptoms : वजन बढना, बार-बार पेशाब आना… डायबिटिज होने के पहले के लक्षण, ना करें इनको नजरअंदाज

Prediabetes Symptoms : प्रीडायबिटीज डायबिटीज की पहली सीढ़ी है। बार-बार प्यास लगना, थकान, वजन बढ़ना और भूख लगना इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। जानिए प्रीडायबिटीज के लक्षण और बचाव के आसान उपाय।

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Aug 29, 2025
Prediabetes Symptoms (photo- freepik)

Prediabetes Symptoms : भारत में करोड़ों लोग प्रीडायबिटीज समस्या का सामना कर रहे हैं इसमें ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से ज्यादा होता है, लेकिन इतना नहीं कि उसे डायबिटीज कहा जाए। इसके लक्षण शुरू में हमें साफ नजर नहीं आते। लेकिन अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह डायबिटीज में बदल सकता है।

इसे अक्सर साइलेंट डिजीज कहा जाता है। इसका खतरा शहरी और ग्रामीण दोनों जगह लगभग बराबर देखने को मिलता है। इसलिए जरूरी है कि हम इसके शुरुआती संकेतों को पहचानें। तो आइए जानते हैं इसके कुछ शुरूआती लक्षण।

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प्रीडायबिटीज के आम लक्षण

हमेशा थकान रहना
अगर आप पूरी नींद और आराम करने के बाद भी हमेशा थके हुए महसूस करते हैं, तो यह ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है।

धुंधला दिखना (ब्लरी विजन)
शुगर बढ़ने पर आंखों का लेंस सूज जाता है और कभी-कभी साफ दिखना बंद हो जाता है।

घाव या कट देर से भरना
छोटे-छोटे कट या घाव अगर हफ्तों तक नहीं भरते या बार-बार इंफेक्शन हो रहे हैं तो सतर्क हो जाएं।

गर्दन या बगल में काले धब्बे
अगर त्वचा पर गहरे और मोटे धब्बे बनने लगें, खासकर गर्दन या बगल में, तो यह इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है।

बार-बार प्यास लगना और पेशाब आना
शरीर जब ब्लड शुगर ज्यादा होने पर उसे बाहर निकालने की कोशिश करता है, तो आपको बार-बार पेशाब और प्यास लगती है।

वजन का अचानक घटना या बढ़ना
बिना वजह वजन बढ़ना या कम होना भी प्रीडायबिटीज़ का एक लक्षण हो सकता है।

हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्न होना
अगर अक्सर पैरों या हाथों में झुनझुनी या सुन्नपन महसूस हो, तो यह भी ब्लड शुगर का असर हो सकता है।

मीठा खाने की ज्यादा इच्छा होना
खाना खाने के थोड़ी देर बाद भी अगर आपको बार-बार भूख लगे या मीठा खाने का मन करे, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें।

क्या करें अगर ये लक्षण दिखें?

ब्लड टेस्ट कराएं – फास्टिंग ब्लड शुगर या HbA1C टेस्ट से तुरंत पता चल सकता है।

डॉक्टर से मिलें – किसी अच्छे अस्पताल या डायबिटीज स्पेशलिस्ट से जांच करवाएं।

जीवनशैली में सुधार करें – हेल्दी डाइट, रोजाना एक्सरसाइज और वजन कंट्रोल जरूरी है।

रेगुलर चेकअप कराएं – शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल समय-समय पर जांचते रहें।

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