स्वास्थ्य

जब गेहूं-जौ से होती थी गर्भ की पहचान, फिर Pregnancy Test की शुरुआत कब और कैसे हुई, पढ़िए

First Pregnancy Test History In Hindi : आज कुछ मिनटों में प्रेगनेंसी टेस्ट हो जाता है, लेकिन आपने कभी सोचा है कि पहले गर्भ की पहचान कैसे होती थी? नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ और नेचर जर्नल से जानिए गेहूं-जौ से लेकर होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट तक का सफर।
2 min read
Jun 30, 2026
Pregnancy Test History,History of Pregnancy Test,Home Pregnancy Test,
प्रेगनेंसी टेस्ट का इतिहास हजारों साल पुराना है और समय के साथ इसमें कई बड़े बदलाव आए हैं।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Pregnancy Test History: आज प्रेगनेंसी टेस्ट किट की मदद से घर बैठे कुछ ही मिनटों में पता चल जाता है कि महिला गर्भवती है या नहीं। लेकिन हमेशा ऐसा नहीं था। कभी गर्भ का पता लगाने के लिए गेहूं और जौ के बीजों का सहारा लिया जाता था, तो कभी जानवरों की मदद ली जाती थी। नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) में प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, प्रेगनेंसी टेस्ट का इतिहास हजारों साल पुराना है और समय के साथ इसमें कई बड़े बदलाव आए हैं।

प्रेगनेंसी टेस्ट की शुरुआत कब हुई?

एनआइएच के अनुसार, गर्भ की पहचान का सबसे पुराना लिखित प्रमाण प्राचीन मिस्र (करीब 1350 ईसा पूर्व) से मिलता है। हालांकि उस समय आधुनिक टेस्ट मौजूद नहीं थे। इसके कई हजार साल बाद, 1927 में जर्मनी के वैज्ञानिक डॉ. सेलमर ऐशहाइम (Selmar Aschheim) और डॉ. बर्नहार्ड जोंडेक (Bernhard Zondek) ने पहली बार यह साबित किया कि गर्भवती महिला के मूत्र में ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (hCG) हार्मोन पाया जाता है।

नेचर जर्नल के अनुसार, इसी खोज ने आधुनिक प्रेगनेंसी टेस्ट की नींव रखी। बाद में 1970 के दशक में पहली होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट बाजार में आई, जिससे महिलाओं के लिए घर पर ही शुरुआती जांच करना संभव हो गया।

पहले कैसे पता चलता था कि महिला गर्भवती है?

1. गेहूं और जौ के बीज का इस्तेमाल- प्राचीन मिस्र में महिलाएं अपने मूत्र को गेहूं और जौ के बीजों पर डालती थीं। माना जाता था कि अगर बीज अंकुरित हो जाएं, तो महिला गर्भवती है। उस समय यह तरीका काफी प्रचलित था।

2. जानवरों की मदद से होती थी जांच- hCG हार्मोन की खोज के बाद वैज्ञानिकों ने चूहों, खरगोशों और बाद में मेंढकों की मदद से प्रेगनेंसी टेस्ट करना शुरू किया। गर्भवती महिला का मूत्र जानवरों में इंजेक्ट किया जाता था और उनके शरीर में होने वाले बदलावों के आधार पर परिणाम निकाला जाता था। यह जांच सिर्फ प्रयोगशालाओं में होती थी।

3. Home Pregnancy Test Kit- 1970 के दशक में पहली बार ऐसी प्रेगनेंसी टेस्ट किट आई, जिसे महिलाएं घर पर इस्तेमाल कर सकती थीं। शुरुआत में इसका इस्तेमाल आज जितना आसान नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे तकनीक बेहतर होती गई और आज कुछ ही मिनटों में रिजल्ट मिल जाता है।

आज कैसे काम करती है Pregnancy Test Kit?

आज की प्रेगनेंसी टेस्ट किट मूत्र में मौजूद hCG हार्मोन की पहचान करती है। अगर पीरियड मिस होने के बाद सही समय पर टेस्ट किया जाए, तो इसका रिजल्ट काफी हद तक सही माना जाता है। अगर रिपोर्ट को लेकर कोई संदेह हो, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड टेस्ट या अन्य जांच करानी चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
30 Jun 2026 02:24 pm