
अभिनेत्री जैस्मिन भसीन अस्पताल में भर्ती (Photo- insta @jasminbhasin2806)
Terminal Ileitis Symptoms: टीवी अभिनेत्री जैस्मिन भसीन ने हाल ही में बताया कि दुबई पहुंचने के बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। तेज पेट दर्द और संक्रमण के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। जांच में पता चला कि उनकी छोटी आंत के आखिरी हिस्से में सूजन है, जिसे डॉक्टर टर्मिनल इलाइटिस कहते हैं। अब उनकी तबीयत पहले से बेहतर है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं।
जैस्मिन की इस खबर के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि आखिर यह बीमारी क्या है? क्या यह बहुत गंभीर होती है और इसके लक्षण कैसे पहचानें?
हमारी छोटी आंत का एक आखिरी हिस्सा होता है। जब इस हिस्से में सूजन आ जाती है, तो उसे टर्मिनल इलाइटिस कहा जाता है। NIH रिसर्च में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, यह अपने आप में कोई एक बीमारी नहीं है। यह केवल इस बात का संकेत है कि छोटी आंत के आखिरी हिस्से में सूजन है। इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, इसलिए हर मरीज में इसकी वजह अलग हो सकती है।
स्प्रिंगर नेचर की मेडिकल पुस्तक में भी बताया गया है कि केवल सूजन मिलने से बीमारी का नाम तय नहीं हो जाता। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर कई तरह की जांच करते हैं।
शोध के अनुसार छोटी आंत में सूजन आने के पीछे कई वजह हो सकती हैं, जैसे
हर व्यक्ति में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर ये परेशानियां दिखाई दे सकती हैं-
अगर सूजन के साथ गंभीर संक्रमण भी हो जाए, तो मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है।
अगर डॉक्टर को छोटी आंत में सूजन का संदेह होता है, तो वह कुछ जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। इनमें आंत की कैमरे से जांच, खून की जांच, मल की जांच और जरूरत पड़ने पर स्कैन शामिल हो सकते हैं। इन जांचों से यह पता लगाया जाता है कि सूजन की असली वजह क्या है।
इसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि सूजन किस कारण हुई है। अगर संक्रमण की वजह से समस्या हुई है, तो डॉक्टर उसी के अनुसार दवा देते हैं। अगर कोई दूसरी बीमारी इसकी वजह है, तो उसका अलग इलाज किया जाता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना या बार-बार होने वाले पेट दर्द को नजरअंदाज करना सही नहीं है।
अगर आपको लगातार तेज पेट दर्द हो, कई दिनों तक दस्त लगे रहें, मल में खून दिखाई दे, तेज बुखार आए, तेजी से वजन कम होने लगे, या कमजोरी लगातार बढ़ती जाए, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
30 Jun 2026 11:42 am
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