
मानसून में डेंगू, Typhoid, Leptospirosis और Hepatitis A से बचाव की जानकारी (photo- freepik)
Rainy Season Health Tips: बारिश शुरू होते ही ज्यादातर लोग मच्छरों से बचने की कोशिश करने लगते हैं ताकि डेंगू न हो। लेकिन मानसून अपने साथ सिर्फ मच्छरों का खतरा ही नहीं लाता। इस मौसम में गंदा पानी, दूषित खाना और जलभराव कई ऐसी बीमारियों को भी न्योता देते हैं, जिन पर अक्सर लोगों का ध्यान ही नहीं जाता।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, मानसून के दौरान Typhoid, Leptospirosis और Hepatitis A जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए सिर्फ मच्छरों से बचना ही काफी नहीं है, बल्कि खाने-पीने और साफ-सफाई का भी उतना ही ध्यान रखना जरूरी है।
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, बारिश के बाद घरों की छतों, कूलर, गमलों, टायरों और आसपास जमा पानी में एडीज मच्छर तेजी से पनपते हैं। यही मच्छर डेंगू वायरस फैलाते हैं। शुरुआत में तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द, सिरदर्द और त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई दे सकते हैं। कई लोग इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर डेंगू गंभीर रूप ले सकता है।
क्या आपने कभी सोचा है कि हर मानसून में टाइफाइड के मरीज अचानक क्यों बढ़ने लगते हैं? WHO के मुताबिक इसका सबसे बड़ा कारण दूषित पानी और संक्रमित भोजन है। बारिश के दौरान कई बार सीवर का पानी पीने के पानी में मिल जाता है। ऐसे में अगर वही पानी पी लिया जाए या उससे बना खाना खाया जाए, तो साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया शरीर में पहुंच सकता है।
शुरुआत में कई दिनों तक लगातार बुखार बना रहता है। इसके साथ सिरदर्द, पेट दर्द, कमजोरी, भूख कम लगना, मतली और कभी कब्ज तो कभी दस्त की समस्या हो सकती है। अच्छी बात यह है कि थोड़ी-सी सावधानी इस बीमारी से बचा सकती है। हमेशा साफ पानी पिएं, बाहर का खुला खाना खाने से बचें और खाना खाने से पहले हाथ धोने की आदत जरूर रखें।
मान लीजिए सड़क पर पानी भरा है और आपको उसी रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। अगर उस पानी में संक्रमित जानवरों, खासकर चूहों का मूत्र मिला हो, तो Leptospirosis का खतरा बढ़ सकता है। WHO के अनुसार यह बैक्टीरिया त्वचा पर मौजूद छोटे-से कट, खरोंच या आंख, नाक और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है। यही वजह है कि भारी बारिश और बाढ़ के बाद इसके मामले ज्यादा सामने आते हैं।
शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार जैसे ही लगते हैं, तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द। लेकिन अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह संक्रमण लिवर और किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकता है। अगर जलभराव वाले इलाके में जाना जरूरी हो, तो नंगे पैर बिल्कुल न जाएं। गमबूट या बंद जूते पहनना ज्यादा सुरक्षित रहता है।
मानसून में दूषित पानी सिर्फ पेट खराब नहीं करता, बल्कि Hepatitis A जैसे वायरल संक्रमण की वजह भी बन सकता है। CDC के अनुसार यह वायरस संक्रमित भोजन और पानी के जरिए शरीर में पहुंचता है और सीधे लिवर को प्रभावित करता है। शुरुआत में मरीज को ऐसा लग सकता है कि सामान्य वायरल हुआ है। थकान, बुखार, मतली, उल्टी और पेट दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। बाद में आंखें और त्वचा पीली पड़ने लगती हैं, जिसे पीलिया कहा जाता है।
इससे बचने का सबसे आसान तरीका है कि हमेशा साफ पानी पिएं, ताजा और स्वच्छ भोजन करें और जिन लोगों को जरूरत हो, वे डॉक्टर की सलाह पर Hepatitis A की वैक्सीन भी लगवा सकते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
29 Jun 2026 10:53 am
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