Protein Intake Per Day: क्या उम्र बढ़ने पर कम खाना चाहिए? जानिए क्यों बुजुर्गों को ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है, कितना लेना चाहिए और मसल्स कमजोर होने से कैसे बचें।
Protein Intake Per Day: भारत के ज्यादातर घरों में उम्र बढ़ने के साथ खाने की आदतें बदल जाती हैं। भारी पराठों की जगह हल्की खिचड़ी, मसालेदार सब्जियों की जगह पतली दाल और कई बार तो सिर्फ चाय-टोस्ट पर ही दिन निकल जाता है। लोगों को लगता है कि उम्र बढ़ने पर शरीर को कम खाने की जरूरत होती है, खासकर प्रोटीन की। लेकिन सच्चाई इसके उलट है, बढ़ती उम्र में शरीर को पहले से ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है।
रिसर्च के अनुसार उम्र बढ़ने पर शरीर प्रोटीन को पहले जितनी आसानी से इस्तेमाल नहीं कर पाता। इसे “एनाबॉलिक रेजिस्टेंस” कहा जाता है। British Journal of Nutrition के अनुसार 60 साल के व्यक्ति को मसल्स बनाए रखने के लिए कई बार 40 साल के व्यक्ति से ज्यादा प्रोटीन चाहिए होता है। अगर शरीर को पर्याप्त प्रोटीन न मिले तो सिर्फ कमजोरी ही नहीं आती, बल्कि संतुलन बिगड़ता है, चलना-फिरना मुश्किल होता है और दूसरों पर निर्भरता बढ़ जाती है।
भारत में बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ा खतरा सिर्फ हार्ट या डायबिटीज नहीं, बल्कि सारकोपीनिया है, यानी मसल्स का धीरे-धीरे खत्म होना। Journal of Mid-life Health की स्टडी बताती है कि ग्रामीण भारत में करीब 14.8% और शहरों में लगभग 7% बुजुर्ग इससे प्रभावित हैं। Indian Council of Medical Research के अनुसार कम प्रोटीन लेना इसका बड़ा कारण है, जबकि भारत में लगभग 80% लोग जरूरत से कम प्रोटीन खाते हैं।
नई गाइडलाइंस के अनुसार स्वस्थ बुजुर्ग 1 से 1.2 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो वजन, बीमारी या सर्जरी के बाद 1.2 से 1.5 ग्राम प्रति किलो यानी अगर वजन 60 किलो है, तो रोज लगभग 60-72 ग्राम प्रोटीन जरूरी है। ये सलाह ICMR-NIN की नई सिफारिशों में भी बताई गई है।
हमारी डाइट अक्सर चावल और रोटी पर ज्यादा निर्भर होती है। दाल जरूरी है, लेकिन पतली दाल या सिर्फ अनाज से पूरा पोषण नहीं मिलता। मसल्स बनाने के लिए ल्यूसिन नाम का अमीनो एसिड जरूरी होता है। National Library of Medicine के अनुसार यह मसल्स बनाने का स्विच ऑन करता है।
अच्छे प्रोटीन के लिए ये चीजें जरूरी हैं:
एक बार में बहुत ज्यादा प्रोटीन खाने से फायदा नहीं होता। शरीर एक समय में लगभग 25-30 ग्राम ही सही से इस्तेमाल कर पाता है। इसलिए सुबह, दोपहर और रात तीनों समय बराबर मात्रा में प्रोटीन लेना बेहतर है।
Lancet के अनुसार 2050 तक भारत की 20% आबादी बुजुर्ग होगी। इसलिए कमजोरी और निर्भरता से बचना जरूरी है। मसल्स सिर्फ ताकत नहीं देते, बल्कि हड्डियां मजबूत रखते हैं, शुगर कंट्रोल करते हैं और इम्युनिटी बढ़ाते हैं।