
Purpura Symptoms: क्या आपने कभी अपनी या अपने परिवार के किसी सदस्य की त्वचा पर लाल, बैंगनी या भूरे रंग के ऐसे छोटे-छोटे धब्बे देखे हैं, जो दबाने पर भी हल्के या सफेद नहीं पड़ते? कई बार हम इन्हें सामान्य चोट (गुम चोट), चींटी का काटना या किसी कीड़े का असर समझकर छोड़ देते हैं। लेकिन त्वचा के नीचे खून जमने से बनने वाले इन निशानों को मेडिकल भाषा में पर्पुरा (Purpura) कहा जाता है। क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, पर्पुरा त्वचा की ऊपरी सतह का कोई आम दाग नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर छोटी-छोटी खून की नसों (Blood vessels) के फटने या लीक होने का इशारा होता है। आइए समझते हैं कि पर्पुरा क्या है, यह क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए।
हेल्थलाइन के अनुसार, पर्पुरा त्वचा पर दिखाई देने वाले लाल या बैंगनी रंग के वे चकत्ते या धब्बे हैं जो त्वचा के ठीक नीचे खून का रिसाव होने से बनते हैं। जब हमारी त्वचा के नीचे की बहुत बारीक नसों (Capillaries) में किसी वजह से छेद हो जाता है या वे टूट जाती हैं, तो खून बाहर निकलकर त्वचा के नीचे जमा हो जाता है। इसी जमे हुए खून की वजह से बाहर लाल-बैंगनी रंग का निशान दिखाई देने लगता है। पर्पुरा का आकार छोटे-छोटे बिंदुओं (पिंस के सिर जितने) से लेकर बड़े चकत्तो जैसा हो सकता है। इसकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि जब आप इस लाल या बैंगनी निशान को अपनी उंगली से दबाएंगे, तो यह गायब या सफेद (Blanching) नहीं होगा, बल्कि जैसा है वैसा ही बना रहेगा।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पर्पुरा को मुख्य रूप से दो हिस्सों में बांटा जाता है;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।