
Papaya Leaf Extract Tablets से जुड़े Phase-3 क्लीनिकल ट्रायल को दर्शाता मेडिकल इलस्ट्रेशन (photo- gemini ai)
Chemotherapy Low Platelets: कैंसर का इलाज करा रहे मरीजों के लिए कीमोथेरेपी (Chemotherapy) जीवन बचाने वाली थेरेपी है, लेकिन इसके कुछ दुष्प्रभाव इलाज को मुश्किल बना सकते हैं। इनमें सबसे बड़ी समस्या है प्लेटलेट्स का तेजी से कम होना, जिसे मेडिकल भाषा में Chemotherapy-Induced Thrombocytopenia (CIT) कहा जाता है। जब प्लेटलेट्स बहुत कम हो जाते हैं, तो शरीर में ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है और कई बार डॉक्टरों को कीमोथेरेपी की अगली डोज टालनी या उसकी मात्रा कम करनी पड़ती है।
अब इस समस्या को लेकर टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई की एक नई रिसर्च ने उम्मीद जगाई है। यह अध्ययन बताता है कि Standardized Papaya Leaf Extract Tablets कुछ मरीजों में प्लेटलेट्स की रिकवरी तेज करने में मददगार साबित हो सकती हैं।
यह फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल था, जिसके नतीजे ASCO Publications में प्रकाशित हुए। रिसर्च में 219 ऐसे कैंसर मरीज शामिल किए गए थे, जिनके प्लेटलेट्स कीमोथेरेपी के दौरान कम हो गए थे। शोधकर्ताओं ने मरीजों को दो समूहों में बांटा। एक समूह को सामान्य इलाज के साथ Papaya Leaf Extract Tablets दी गईं, जबकि दूसरे समूह को सामान्य इलाज के साथ Placebo (डमी टैबलेट) दी गई। रिसर्च में पाया गया कि जिन मरीजों ने पपीते की पत्ती के अर्क की टैबलेट ली, उनके प्लेटलेट्स अपेक्षाकृत तेजी से रिकवर हुए। इसके साथ ही उनमें कीमोथेरेपी की डोज टालने और डोज कम करने की जरूरत भी कम पड़ी, जिससे इलाज तय समय पर जारी रखने में मदद मिली।
अध्ययन के प्रमुख अन्वेषक और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. विकास ओसवाल के अनुसार, यह रिसर्च उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जिनकी कीमोथेरेपी बार-बार प्लेटलेट्स कम होने की वजह से प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल इस समस्या के इलाज में Romiplostim जैसी दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है, जो प्रभावी तो हैं, लेकिन महंगी हैं और इनके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। इसके मुकाबले Papaya Leaf Extract Tablets कम लागत वाला विकल्प बन सकती हैं। हालांकि, इसे लेकर आगे भी शोध जारी रहेंगे।
यही इस रिसर्च की सबसे महत्वपूर्ण बात है। अध्ययन घर पर बनाई गई पपीते की पत्तियों का रस पर नहीं, बल्कि Standardized Papaya Leaf Extract Tablets पर किया गया था। डॉ. ओसवाल के अनुसार, कच्ची पपीते की पत्तियों का सेवन पेट संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है और बिना डॉक्टर की सलाह के इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
यह रिसर्च कैंसर मरीजों के लिए एक नई उम्मीद जरूर लेकर आई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसे इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि संभावित सहायक (Supportive Therapy) के रूप में देखा जाना चाहिए। किसी भी मरीज को डॉक्टर की सलाह के बिना पपीते की पत्ती का जूस, अर्क या कोई सप्लीमेंट शुरू नहीं करना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
04 Jul 2026 04:58 pm
Published on:
04 Jul 2026 04:58 pm
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