
Rabies Infection Symptoms: इंसान की एक छोटी सी अनदेखी कभी-कभी उसकी जिंदगी पर इतनी भारी पड़ सकती है, जिसकी कल्पना भी कोई नहीं कर सकता। हाल ही में उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक खबर सामने आई है। यहां के ललियाना गांव में रहने वाले 35 साल के अनीश की रेबीज की वजह से मौत हो गई। सोशल मीडिया और खबरों में इसका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें अनीश के हाथ-पैर रस्सियों से बंधे हुए नजर आ रहे हैं और लोग उसे संभालने की कोशिश कर रहे हैं। पहली नजर में देखकर भले लगे कि किसी के साथ जबरदस्ती की जा रही है, लेकिन कड़वी सच्चाई यह थी कि रेबीज का असर दिमाग तक पहुंचने के बाद अनीश का खुद पर कोई काबू नहीं रहा था और घरवाले उसे बचाकर अस्पताल पहुंचाने के लिए ऐसा करने पर मजबूर थे। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और जानवर के काटने के बाद क्या करना चाहिए।
बागपत के ललियाना गांव में रहने वाले अनीश को करीब तीन महीने पहले एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। शुरुआत में घाव मामूली लगा, तो अनीश और उसके परिवार ने इसे हल्के में ले लिया और एंटी-रेबीज का टीका (Rabies Vaccine) नहीं लगवाया। उन्हें लगा कि सब ठीक है। लेकिन लगभग तीन महीने बीतने के बाद अचानक अनीश को तेज बुखार आया और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। जब परिजन इलाज के लिए ले गए, तो डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि अनीश को रेबीज हो चुका है।
कुत्ते, बिल्ली, बंदर, चमगादड़ या गीदड़ जैसे जानवरों के काटने, खरोंचने या उनके लार के खुले घाव पर लगने से रेबीज (Rabies) नाम का खतरनाक वायरस इंसान के शरीर में फैल जाता है। रेबीज एक न्यूरोट्रोपिक वायरस है, जिसका सीधा मतलब यह है कि यह शरीर में प्रवेश करने के बाद नसों के रास्ते सीधे दिमाग और रीढ़ की हड्डी (Central Nervous System) पर हमला करता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, रेबीज की सबसे खतरनाक बात यह है कि जब तक इसके लक्षण शरीर में दिखाई नहीं देते, तब तक इंसान बिल्कुल सामान्य लगता है। लेकिन एक बार अगर रेबीज के लक्षण (जैसे पानी से डरना, हवा से डरना, पागलपन जैसा व्यवहार) शुरू हो गए, तो दुनिया में इसका कोई इलाज नहीं बचता। इसके लक्षणों में दौरे पड़ना, मतिभ्रम और लकवा शामिल हैं।
जानवर के काटने के बाद वायरस शरीर में धीरे-धीरे बढ़ता है। इसके लक्षण कुछ हफ्तों से लेकर कई महीनों बाद सामने आ सकते हैं;
जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, किसी भी जानवर के काटने या खरोंचने को कभी छोटा न समझें। अगर कोई जानवर काट ले तो बिना देर किए ये कदम उठाएं:
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।