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देखी हुई चीज बार-बार नजर आना सिर्फ वहम नहीं! हो सकता है Palinopsia का संकेत, साइंसडायरेक्ट से जानें कारण

Palinopsia Cause: क्या आपके साथ भी कई बार ऐसा होता है कि आपको देखी हुई चीज बार-बार दिखाई देती है? क्लीवलैंड क्लिनिक, साइंसडायरेक्ट और नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार समझें Palinopsia बीमारी के लक्षण, कारण और यह आंखों से नहीं बल्कि दिमाग से कैसे जुड़ी है।
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भारत

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Nidhi Yadav

Aug 20, 2026

Palinopsia Symptoms and Causes,Visual Afterimages Brain Disorder,Illusory vs Hallucinatory Palinopsia,

आपको देखी हुई चीज बार-बार दिखाई देती है?- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Palinopsia Symptoms: कई बार आपने गौर किया होगा कि किसी चीज या इंसान को देखने के बाद जब आप आंखें फेर लेते हैं या बंद कर लेते हैं, तो भी उसकी छवि (इमेज) आपकी आंखों के सामने बनी रहती है। आमतौर पर किसी तेज रोशनी या फ्लैशलाइट को देखने के बाद ऐसा कुछ सेकंड के लिए होना सामान्य है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, अगर कोई आम वस्तु भी आपकी नजरों के सामने बार-बार या लगातार दिखाई देती रहे, तो इसे मामूली वहम मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इस स्थिति को पेलिनोप्सिया कहा जाता है। यह ग्रीक शब्द Palin (दोबारा) और Opsia (देखना) से मिलकर बना है। यह कोई आंखों की सामान्य बीमारी नहीं है, बल्कि मस्तिष्क (Brain) और दृष्टि तंत्र (Visual System) से जुड़ी एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है। आइए इसे समझते हैं।

क्या होता है Palinopsia (पेलिनोप्सिया)?

साइंसडायरेक्ट के अनुसार, पेलिनोप्सिया एक ऐसा विजुअल डिस्टर्बेंस (दृष्टि विकार) है जिसमें किसी वस्तु को देखने के बाद, उस वस्तु के हट जाने पर भी उसकी छवि आंखों के सामने बनी रहती है या बार-बार दिखाई देती है। इल्युसरी पेलिनोप्सिया (Illusory Palinopsia) में जो छवि दिखती है वह धुंधली, कम दिखाई देने वाली या पर्यावरण के प्रकाश और कंट्रास्ट से प्रभावित होती है। यह अक्सर माइग्रेन, दवाओं के असर या नींद की कमी के कारण होता है। हैलुसिनेटोरी पेलिनोप्सिया (Hallucinatory Palinopsia) में व्यक्ति को वही चीज़ बिल्कुल असली, साफ और उच्च रिजॉल्यूशन में दोबारा दिखाई देती है, भले ही वह वस्तु वहां मौजूद न हो। यह मस्तिष्क के पिछले हिस्से (Occipital-Parietal Lobe) में किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

इसके मुख्य कारण क्या हो सकते हैं?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, पेलिनोप्सिया का सीधा संबंध इस बात से है कि हमारा दिमाग आंखों द्वारा भेजी गई तस्वीरों को कैसे प्रोसेस (Process) करता है। इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं;

  • मस्तिष्क में ट्यूमर या चोट (Brain Tumor or Lesion)।
  • स्ट्रोक (Stroke)।
  • माइग्रेन (Migraine)।
  • दवाइयों और ड्रग्स का दुष्प्रभाव।
  • सीजर या मिर्गी (Seizures)।

Palinopsia के लक्षण क्या हैं?

  • किसी चीज को देखने के बाद उसकी छवि का कई मिनटों या घंटों तक आंखों के सामने टिके रहना।
  • चलती हुई किसी चीज (जैसे हाथ या गाड़ी) के पीछे धुंधली लकीरें (Afterimage Trails) दिखाई देना।
  • आंखें बंद करने पर भी पुरानी देखी हुई चीज का बार-बार उभरना।
  • रोशनी के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता (Photophobia)।

इसका इलाज और बचाव कैसे संभव है?

Palinopsia का इलाज पूरी तरह से इसके मूल कारण (Underlying Cause) पर निर्भर करता है, इसके लिए न्यूरोलॉजिस्ट या न्यूरो-ऑप्थल्मोलॉजिस्ट दिमाग का MRI या CT Scan करवाते हैं ताकि ट्यूमर, स्ट्रोक या घाव का पता लगाया जा सके। यदि यह किसी दवा या ड्रग्स के साइड इफेक्ट के कारण है, तो डॉक्टर उस दवा को बंद या बदल देते हैं। यदि कारण माइग्रेन या सीजर है, तो उससे संबंधित दवाएं देने पर यह स्थिति ठीक हो जाती है।

Palinopsia के लक्षण क्या हैं?

  • किसी चीज को देखने के बाद उसकी छवि का कई मिनटों या घंटों तक आंखों के सामने टिके रहना।
  • चलती हुई किसी चीज (जैसे हाथ या गाड़ी) के पीछे धुंधली लकीरें (Afterimage Trails) दिखाई देना।
  • आंखें बंद करने पर भी पुरानी देखी हुई चीज का बार-बार उभरना।
  • रोशनी के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता (Photophobia)।

डॉक्टर से परामर्श कब लें?

अगर आपको कोई भी देखी हुई चीज बार-बार या लंबे समय तक दिखाई देती है, या चलती हुई वस्तुओं के पीछे परछाई जैसी लकीरें दिखती हैं, तो इसे अंधविश्वास या वहम न समझें। बिना देर किए तुरंत किसी न्यूरोलॉजिस्ट (Neurologist) या आंखों के विशेषज्ञ (Eye Specialist) से अपनी जांच करवाएं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।