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सिगरेट या वेपिंग की लत छोड़ना क्यों होता है मुश्किल? जानें Nicotine Dependence के संकेत

Nicotine Dependence Hindi: सिगरेट या वेपिंग की लत छोड़ना मुश्किल क्यों होता है? मेयो क्लिनिक और क्लिवलैंड क्लिनिक के अनुसार जानें Nicotine Dependence के लक्षण, कारण और इसे छोड़ने के तरीके।
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भारत

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Nidhi Yadav

Aug 19, 2026

Nicotine Dependence Symptoms,How to Quit Vaping and Smoking,Nicotine Withdrawal Signs,

सिगरेट या वेपिंग की लत छोड़ना क्यों है मुश्किल- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Nicotine Dependence Cause: सिगरेट पीना हो या आजकल का ट्रेंड बन चुका वेपिंग (Vaping) बहुत से लोग इसे शुरुआत में सिर्फ शौक, दोस्तों के साथ टाइमपास या स्ट्रेस कम करने के लिए शुरू करते हैं। लेकिन देखते ही देखते कब यह एक-दो सिगरेट से बढ़कर पूरे दिन की आदत बन जाती है, इसका पता ही नहीं चलता। जब कोई इंसान इसे छोड़ने की कोशिश करता है, तो बेचैनी, चिड़चिड़ापन और बार-बार पीने की ऐसी तलब उठती है कि वो चाहकर भी इसे छोड़ नहीं पाता। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, इसे सिर्फ खराब आदत कहना सही नहीं होगा। यह Nicotine Dependence (निकोटिन पर निर्भरता) की वजह से होता है, जो कि एक तरह की शारीरिक और मानसिक लत है। आइए समझते हैं कि निकोटिन की लत इतनी मजबूत क्यों होती है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बाहर कैसे निकला जा सकता है।

क्या होता है Nicotine Dependence?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, निकोटिन एक ऐसा केमिकल है जो तंबाकू के पौधे में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। चाहे आप सिगरेट पीते हों, बीड़ी पीते हों, हुक्का या ई-सिगरेट (Vape) का इस्तेमाल करते हों इन सब के जरिए निकोटिन आपके शरीर में पहुंचता है। जब आप सिगरेट या वेप का कश खींचते हैं, तो निकोटिन कुछ ही सेकंड्स के भीतर आपके फेफड़ों से होते हुए दिमाग तक पहुंच जाता है। दिमाग में पहुंचते ही यह डोपामिन (Dopamine) नाम का केमिकल रिलीज करता है। डोपामिन को फील-गुड केमिकल भी कहते हैं, जिससे आपको तुरंत खुशी, शांति, फोकस और हल्कापन महसूस होता है। समस्या यह है कि निकोटिन का यह असर बहुत थोड़ी देर (कुछ ही मिनटों) के लिए रहता है। जैसे ही इसका असर कम होता है, दिमाग दोबारा उसी खुशी और सुकून को पाने के लिए निकोटिन की मांग करने लगता है। धीरे-धीरे दिमाग को इसकी आदत हो जाती है और इसे ही Nicotine Dependence यानी निकोटिन की लत कहा जाता है।

लत छोड़ना इतना मुश्किल क्यों होता है?

जब आप निकोटिन के आदी हो जाते हैं, तो आपका दिमाग इसके बिना नॉर्मल काम करना बंद कर देता है। जैसे ही आप सिगरेट या वेप छोड़ते हैं, शरीर में निकोटिन का लेवल गिरने लगता है और दिमाग में हलचल मच जाती है। इसे मेडिकल भाषा में Withdrawal Symptoms (निकासी के लक्षण) कहते हैं। जब कोई इसे छोड़ने की कोशिश करता है, तो उसे इन परेशानियों का सामना करना पड़ता है;

  • सिगरेट या वेप पीने की असहनीय तलब (Strong Cravings)।
  • चिड़चिड़ापन और गुस्सा।
  • बेचैनी और घबराहट।
  • सिरदर्द और नींद न आना।
  • ज्यादा भूख लगना और वजन बढ़ना।
  • फोकस करने में दिक्कत।

Nicotine Dependence के मुख्य संकेत और लक्षण

  • कोशिश के बावजूद न छोड़ पाना।
  • पहला कश सुबह उठते ही चाहिए।
  • बीमार होने पर भी पीना।
  • सोशल लाइफ प्रभावित होना।
  • तनाव में सहारा ढूंढना।

निकोटिन की लत से बाहर कैसे निकलें?

निकोटिन की लत मजबूत जरूर है, लेकिन इसे छोड़ना नामुमकिन नहीं है। अगर आप इसे छोड़ना चाहते हैं, तो सिर्फ 'इच्छाशक्ति' (Willpower) के भरोसे रहने के बजाय सही प्लानिंग करें;

  • NRT (Nicotine Replacement Therapy)।
  • ट्रिगर्स (Triggers) को पहचानें।
  • सपोर्ट ग्रुप और काउंसलिंग।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।