
Drooling While Sleeping: रात को गहरी नींद में सोते समय अचानक आंख खुले और पता चले कि तकिया गीला हो गया है, तो हम में से ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। सोचते हैं कि शायद थकावट बहुत ज्यादा थी या नींद इतनी गहरी थी कि पता ही नहीं चला। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी अगर यह रोज-रोज हो रहा है, तो इसके क्या मायने हैं? क्या यह सिर्फ शरीर के ढीले पड़ने की बात है या इसके पीछे कोई अंदरूनी स्वास्थ्य गड़बड़ है? क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) और हेल्थलाइन की रिपोर्ट्स बताती हैं कि सोते समय मुंह से पानी या लार बहना (जिसे मेडिकल भाषा में साइलोरिया कहा जाता है) हमेशा मामूली बात नहीं होती। यह इस बात का साफ इशारा हो सकता है कि रात के वक्त आपका शरीर और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) लार की गति पर पूरा काबू नहीं रख पा रहे हैं। आइए समझते हैं कि ऐसा क्यों होता है और कब यह चिंता का विषय बन सकता है।
हेल्थलाइन के अनुसार, जब हम जाग रहे होते हैं, तो हमारा दिमाग और मुंह की मांसपेशियां लार के बनने और उसे अंदर गटकने की प्रक्रिया को खुद-ब-खुद कंट्रोल करते रहते हैं। लेकिन सोते ही जब जबड़ा और मुंह की मांसपेशियां पूरी तरह ढीली पड़ जाती हैं, तो खेल बदल जाता है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इसके पीछे कुछ बहुत सामान्य कारण भी हो सकते हैं;
अगर यह परेशानी कभी-कभार नहीं बल्कि रोज की आदत बन गई है, तो इसे बिल्कुल हल्के में न लें। यह नीचे दी गई कुछ अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है;
यदि आपको लार टपकने के साथ-साथ ये लक्षण भी महसूस हों, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ या ईएनटी (ENT) डॉक्टर से मिलें;
सोते समय लार बहना यूं तो एक आम बात लग सकती है, लेकिन अगर यह आपकी रोज की समस्या बन गई है, तो शरीर के इस इशारे को समझें। अपनी स्लीप पोजीशन बदलें, सर्दी-जुकाम का समय पर इलाज करवाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें, ताकि किसी भी बड़ी स्वास्थ्य समस्या से पहले ही बचा जा सके।