
Red Ear Syndrome: अक्सर हम में से कई लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि अचानक हमारा कान ला-लाल और आग की तरह गर्म क्यों होने लगा है। कई बार इसे मौसम की गर्मी, घबराहट या थकावट मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर बिना किसी साफ वजह के आपका कान अचानक त तपने लगे और उसमें तेज जलन या चुभन होने लगे, तो मामला कुछ गंभीर हो सकता है? न्यूरोलॉजी जर्नल के अनुसार, यह एक बेहद अजीब और दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति का संकेत हो सकता है, जिसे 'रेड इयर सिंड्रोम' (Red Ear Syndrome - RES) कहा जाता है। आइए जानते हैं इसके कारण और बचाव के उपाय क्या हैं?
वेबएमडी (WebMD) के अनुसार, रेड इयर सिंड्रोम एक ऐसी अवस्था है जिसमें कान का बाहरी हिस्सा (पाइना या लोब) अचानक सुस्त दर्द, तेज जलन और भयंकर लाचारी के साथ लाल और गर्म हो जाता है। इस स्थिति के दौरान कान में ऐसा महसूस होता है जैसे उस पर किसी ने गर्म पानी डाल दिया हो या आग की लपटें छू रही हों। यह समस्या कुछ सेकंड से लेकर कई घंटों तक बनी रह सकती है। कई मरीजों में यह दिन में कई बार अचानक उभर आती है। इसमें कान के साथ-साथ जबड़े, सिर के पिछले हिस्से या कनपटी (Temples) तक तेज खिंचाव या दर्द महसूस हो सकता है।
न्यूरोलॉजी जर्नल के आंकड़ों के मुताबिक, रेड इयर सिंड्रोम मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है;
1.प्राइमरी रेड इयर सिंड्रोम (Primary RES)- यह आमतौर पर युवाओं और कम उम्र के लोगों में ज्यादा देखा जाता है। इसके मरीजों को अक्सर माइग्रेन या क्लस्टर सिरदर्द की पुरानी हिस्ट्री होती है। इसमें कान की नसें (विशेषकर ऑरिक्युलर नर्व) अचानक अतिसंवेदनशील हो जाती हैं।
2. सेकेंडरी रेड इयर सिंड्रोम (Secondary RES)- यह थोड़ी अधिक उम्र के लोगों या महिलाओं में ज्यादा मिलता है। यह गर्दन की ऊपरी रीढ़ की हड्डी (Cervical Spine Issues), टीएमजे (जॉइंट से जुड़ा जबड़े का विकार) या नसों पर दबाव पड़ने के कारण हो सकता है।
यदि आपके या आपके किसी अपने के साथ अचानक ऐसी समस्या पेश आए, तो घबराएं बिल्कुल नहीं, बल्कि इन व्यावहारिक तरीकों को अपनाएं;