
Schistosomiasis Symptoms: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में करीब 24 करोड़ लोग शिस्टोसोमियासिस (Schistosomiasis) के शिकार हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, शिस्टोसोमा नाम के परजीवी से होने वाली बीमारी है। यह कोई छोटी-मोटी दिक्कत नहीं है, बल्कि इससे पेट में तेज दर्द से लेकर शरीर के मुख्य हिस्सों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। आइए जानते हैं कि यह बीमारी आखिर है क्या, कैसे फैलती है और हम इससे खुद को कैसे बचा सकते हैं।
शिस्टोसोमियासिस, जिसे बिलहारजिया भी कहा जाता है। यह गंदे पानी से होने वाली बीमारी है, जो पानी में रहने वाले बहुत ही बारीक कीड़ों की वजह से होती है। ये कीड़े ज्यादातर ठहरे हुए पानी जैसे तालाब, झील या छोटी नदियों में पाए जाते हैं। जब कोई इंसान इस गंदे पानी में जाता है, तो ये बारीक कीड़े शरीर के अंदर घुस जाते हैं और खून की नसों में जाकर अपने अंडे देने लगते हैं। एनएचएस (NHS) के अनुसार, शिस्टोसोमियासिस की कोई वैक्सीन नहीं है।
हां, बिल्कुल! अगर आप पानी को लेकर कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें, तो इस बीमारी के खतरे से आराम से बच सकते हैं;
नहीं, यह बीमारी छूने या साथ बैठने से एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलती। इस कीड़े को बढ़ने के लिए पानी में रहने वाले घोंघे (Snails) की जरूरत होती है। इसलिए, अगर आप किसी मरीज के पास बैठते हैं या उससे हाथ मिलाते हैं, तो आपको यह बीमारी बिल्कुल नहीं होगी।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।