
Short of Breath After Stairs: सर्दियों के दिन आते ही अक्सर कई लोगों को यह महसूस होने लगता है कि थोड़ी सी तेज चाल चलने पर या घर की दो-चार सीढ़ियां चढ़ने पर ही उनकी सांसें उखड़ने लगती हैं। कई बार हम इसे ठंड का असर या शारीरिक कमजोरी समझकर टाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह मामूली सी दिखने वाली परेशानी कई बार अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याओं, खासकर दिल से जुड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकती है? आइए जानते हैं कि ठंड और शारीरिक मेहनत के दौरान सांस क्यों फूलती है और कब इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
जब हम ठंड में बाहर निकलते हैं या अचानक सीढ़ियां चढ़ते हैं, तो शरीर को सामान्य से ज्यादा ऑक्सीजन और एनर्जी की जरूरत होती है। इस अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए हमारे दिल को तेजी से पंप करना पड़ता है। यूनिवर्सिटी ऑफ यूटाह हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कोरोनरी धमनियों (Coronary Arteries) में किसी तरह की रुकावट या ब्लॉकेज है, तो हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त मात्रा में खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। ऐसे में जब शरीर पर थोड़ा भी दबाव पड़ता है, जैसे कि सीढ़ियां चढ़ना या तेज चलना, तो दिल पर जोर पड़ता है और सांस फूलने लगती है। इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह कोरोनरी हार्ट डिजीज का एक छिपा हुआ लक्षण हो सकता है।
अमेरिकन लंग एसोसिएशन के मुताबिक, सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने की वजह से हमारी रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) सिकुड़ने लगती हैं। इस वजह से ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। जब ठंड में शरीर का तापमान गिरता है, तो दिल को शरीर को गर्म रखने और अंगों तक खून पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही वजह है कि सर्दियों के दिनों में सांस फूलने या सीने में हल्का भारीपन महसूस होने की शिकायत आम दिनों के मुकाबले ज्यादा बढ़ जाती है।
यदि आपको रोजमर्रा के सामान्य काम करने में या एक मंजिल सीढ़ियां चढ़ने पर ही बार-बार सांस फूलने की समस्या हो रही है, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। डॉक्टर ऐसी स्थिति में 'स्ट्रेस टेस्ट' (Stress Test) या अन्य कार्डियक जांच की सलाह दे सकते हैं, जिससे यह पता चलता है कि दिल पर दबाव पड़ने पर वह कैसे काम कर रहा है। समय रहते सही जांच और डॉक्टर की सलाह लेने से दिल की किसी बड़ी बीमारी से बचाव किया जा सकता है।