
Sister Mary Joseph Nodule Hindi: शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव कभी-कभी किसी बड़ी बीमारी का इशारा होते हैं। हम अक्सर त्वचा पर उठने वाले छोटे-मोटे दाने, मस्से या सूजन को आम समझकर छोड़ देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी नाभि (belly button) में दिखने वाला एक छोटा सा उभार या सख्त गांठ किसी गंभीर बीमारी की चेतावनी हो सकता है? नाभि में बनने वाली इस खास गांठ को मेडिकल की भाषा में सिस्टर मैरी जोसेफ नोड्यूल (Sister Mary Joseph Nodule) कहते हैं। यह आपके पेट या आसपास के अंगों में पनप रहे कैंसर का एक बाहरी संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं कि इसके कारण और लक्षण क्या हैं और कौनसे कैंसर का संकेत हो सकता है।
सिस्टर मैरी जोसेफ नोड्यूल नाभि पर या उसके ठीक आसपास बनने वाली एक सख्त, लाल या भूरे रंग की गांठ होती है। यह गांठ खुद कोई प्राथमिक बीमारी या कैंसर नहीं है। असल में, जब शरीर के किसी अंदरूनी हिस्से में कैंसर पनपता है, तो उसकी कोशिकाएं (cells) खून या लसिका (lymphatic system) के रास्ते धीरे-धीरे फैलने लगती हैं। जब ये कैंसर कोशिकाएं बहते हुए नाभि के टिश्यू (ऊतकों) तक पहुंच जाती हैं, तो वहां एक छोटी सी गांठ का रूप ले लेती हैं।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट्स, वेनेरोलॉजिस्ट्स एंड लेप्रोलॉजिस्ट्स (IADVL) के अनुसार, जब कैंसर शरीर के एक अंग से निकलकर दूसरे हिस्से (जैसे नाभि, हड्डियों या लिवर) तक फैल जाता है, तो उसे मेटास्टेसिस' कहते हैं। लेकिन लगभग 30% मामलों में डॉक्टरों को यह तो दिख जाता है कि कैंसर फैल चुका है, पर उसकी असली शुरुआत (मेन जड़) किस अंग से हुई थी, यह पकड़ में नहीं आ पाता।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इस गांठ की पहचान 1928 में सबसे पहले सिस्टर मैरी जोसेफ नाम की एक नर्स ने की थी। वह अमेरिका के मशहूर क्लिनिक में एक डॉक्टर की असिस्टेंट थीं। उन्होंने गौर किया कि पेट के कैंसर से जूझ रहे कई मरीजों की नाभि पर एक खास तरह की सख्त गांठ मौजूद होती है। जब डॉक्टरों ने इस पर आगे रिसर्च की, तो नर्स की बात सही निकली। बस तभी से इस गांठ का नाम उनके सम्मान में यही रख दिया गया।
अगर नाभि में बन रही गांठ सिस्टर मैरी जोसेफ नोड्यूल है, तो उसमें आपको कुछ ख़ास बातें नजर आएंगी;
अगर आपको नाभि में कोई ऐसी गांठ दिखे जो कई दिनों से बनी हुई हो, धीरे-धीरे बड़ी हो रही हो, छूने में काफी सख्त लगे या उसमें से कुछ रिस रहा हो, तो बिल्कुल देर न करें। तुरंत किसी अच्छे सर्जन या कैंसर विशेषज्ञ (Oncologist) को दिखाएं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।