
Slip and Fall Cause: घर के अंदर या बाहर चलते समय अचानक पैर फिसलना बहुत ही आम बात है। अक्सर बाथरूम के गीले फर्श, सीढ़ियों पर ध्यान भटकने या फिसलन वाली जगह पर संतुलन बिगड़ने से लोग गिर जाते हैं। कई बार गिरने के बाद व्यक्ति तुरंत खड़ा हो जाता है और सोचता है कि सब ठीक है, लेकिन बाद में धीरे-धीरे दर्द, सूजन या अंदरूनी परेशानी शुरू होने लगती है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार, फिसलकर गिरना (Slip and Fall) किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए गंभीर चोट का कारण बन सकता है। विशेष रूप से बुजुर्गों में इसके कारण फ्रैक्चर या सिर में चोट लगने का खतरा काफी ज्यादा होता है। आइए जानते हैं कि गिर जाने के बाद शरीर में कौन-कौन से लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और कौन सी बातें ध्यान में रखना जरूरी है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब आप अचानक गिरते हैं, तो शरीर का पूरा वजन किसी एक हिस्से (जैसे हाथ, कोहनी, कमर या सिर) पर आ जाता है। इससे कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं;
अगर फिसलकर गिरते समय आपका सिर जमीन, सीढ़ी या किसी कठोर वस्तु से टकरा गया है, तो इसे बिल्कुल भी हल्का न समझें। कभी-कभी तुरंत कोई बाहरी घाव या खून नहीं दिखता, लेकिन अंदरूनी चोट हो सकती है। यदि गिरने के बाद इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए, तो डॉक्टर के पास जाएं;
गिरने के तुरंत बाद जब शरीर में एड्रेनालाईन (Stress Hormone) का लेवल ज्यादा होता है, तो दर्द का अहसास कम हो सकता है। लेकिन कुछ घंटों बाद जब दर्द उभरता है, तो इन लक्षणों पर गौर करें;
कई बार शरीर पर बाहर से कोई बड़ा जख्म नहीं दिखता, लेकिन अंदर के अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर गिरने के बाद निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए डॉक्टर को दिखाएं;
अगर चोट मामूली है और कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं, तो आप शुरुआती 24 से 48 घंटों में घर पर R.I.C.E फॉर्मूला अपना सकते हैं;
Rest (आराम)- प्रभावित हिस्से से तुरंत काम लेना बंद करें।
Ice (बर्फ की सिंकाई)- दिन में 3-4 बार 15-20 मिनट के लिए कपड़े में लपेटकर बर्फ से सेंकें।
Compression (हल्का दबाव)- सूजन रोकने के लिए कॉटन या क्रेप बैंडेज बांधें।
Elevation (ऊंचाई पर रखें)- प्रभावित हाथ या पैर को तकिये की मदद से दिल के स्तर से थोड़ा ऊपर उठाकर रखें।