
Snake Bite Prevention: सांप का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। हमारे देश में खासकर गांवों में और बारिश के दिनों में सांप निकलने और काटने के मामले काफी आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सांप के काटने के बाद उसका जहर शरीर में कैसे फैलता है? और उस वक्त ली गई एक छोटी सी सही जानकारी कैसे किसी की जान बचा सकती है? आइए नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम और नेशनल हेल्थ मिशन की रिपोर्ट्स से समझते हैं कि सांप के काटने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
जब सांप काटता है, तो जहर पहले चमड़ी और मांस के बीच जमा होता है। वहां से यह शरीर के लिम्फैटिक सिस्टम (लसिका की नसों) के जरिए धीरे-धीरे आगे बढ़ता है। कोई भी लिक्विड तभी आगे बढ़ता है जब हमारे हाथ-पैर या मांसपेशियां हिलती हैं। यानी मरीज जितना भागेगा, चिल्लाएगा या हिलेगा-डुलेगा, जहर उतनी ही तेजी से पूरे शरीर में फैलेगा। काटने के बाद जब इंसान बुरी तरह डर जाता है, तो दिल बहुत तेजी से धड़कने लगता है। धड़कन तेज होते ही जहर मिनटों में पूरे शरीर में फैलने लगता है। इसलिए मरीज को शांत रखना सबसे ज्यादा जरूरी है।
1. दिमाग और नसों को जाम करना (जैसे कोबरा)- यह जहर दिमाग से अंगों को मिलने वाले मैसेज को रोक देता है। इससे मरीज की आंखें बंद होने लगती हैं (जैसे नींद आ रही हो), सांस लेने में दिक्कत होती है, बोलने में जीभ लड़खड़ाती है और शरीर ढीला पड़ने लगता है।
2. खून को पानी बना देना (जैसे वाइपर सांप)- यह जहर खून के थक्के जमने की ताकत खत्म कर देता है। इससे काटने वाली जगह से, मसूड़ों से या नाक से खून बहना शुरू हो जाता है और रुकता नहीं है।
3. मांस को गला देना- कुछ सांपों के जहर से जहां काटा है, वहां बहुत तेज जलन होती है, भयंकर सूजन आ जाती है और वहां की चमड़ी काली पड़कर सड़ने लगती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।