
पेट में अचानक दर्द किस कारण से होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Wilms Tumor Symptoms: जब घर में छोटा बच्चा होता है, तो उसकी हल्की सी तबीयत खराब होने पर भी माता-पिता परेशान हो जाते हैं। कई बार हम देखते हैं कि बच्चे के पेट में अचानक से हल्की सूजन आ जाती है, या छूने पर कोई सख्त गांठ जैसी महसूस होती है। अक्सर लोग इसे गैस, कब्ज या साधारण पेट दर्द समझकर टाल देते हैं। लेकिन अगर इस सूजन के साथ बच्चे को पेट में दर्द रहे या पेशाब का रंग बदला हुआ दिखे, तो इसे बिल्कुल भी हलके में नहीं लेना चाहिए। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) की रिपोर्ट्स बताती हैं कि ये संकेत बच्चों में होने वाले विल्म्स ट्यूमर (Wilms Tumor) के हो सकते हैं। विल्म्स ट्यूमर सुनकर डरने या घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे सही समय पर समझना जरूरी है। आइए जानते हैं कि यह बीमारी क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और मां-बाप को कब सावधान हो जाना चाहिए।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, विल्म्स ट्यूमर बच्चों की गुर्दे यानी किडनी से जुड़ा एक तरह का कैंसर है। इसे मेडिकल भाषा में नेफ्रोब्लास्टोमा भी कहा जाता है। यह बीमारी ज्यादातर छोटे बच्चों में देखने को मिलती है, खास तौर पर 3 से 4 साल की उम्र के बच्चों में। 5 साल की उम्र के बाद यह बीमारी काफी कम देखने को मिलती है। ज्यादातर मामलों में यह ट्यूमर बच्चे की किसी एक ही किडनी में पनपता है। हालांकि, बहुत ही कम मामलों में यह दोनों किडनियों में एक साथ भी हो सकता है। अच्छी बात यह है कि अगर इसका सही समय पर पता चल जाए, तो इसका इलाज पूरी तरह संभव है।
इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआत में बच्चे को देखकर बिल्कुल नहीं लगता कि वह बीमार है। वह आराम से खेलता-कूदता रहता है। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, शरीर में कुछ खास बदलाव नजर आने लगते हैं;
बहुत से माता-पिता के मन में यह सवाल आता है कि इतने छोटे बच्चे को यह बीमारी कैसे हो गई? सच तो यह है कि इसका कोई एक पक्का कारण अभी तक सामने नहीं आया है। जब बच्चा मां के पेट में पनप रहा होता है, तो उसकी किडनियों का विकास हो रहा होता है। कभी-कभी किडनियों की कोशिकाओं (cells) के भीतर कुछ ऐसे बदलाव आ जाते हैं, जिससे वे कोशिकाएं सही तरीके से विकसित होने के बजाय तेजी से बढ़ने लगती हैं। यही कोशिकाएं धीरे-धीरे इकट्ठा होकर ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। यह किसी की गलती या गलत खान-पान से नहीं होता है। बहुत ही कम मामलों में यह बीमारी परिवार के इतिहास या जन्म से जुड़ी किसी अन्य शारीरिक बनावट से संबंधित हो सकती है।
यदि आपको अपने बच्चे के पेट में जरा सी भी असामान्य गांठ या सूजन दिखाई दे, तो घरेलू नुस्खे आजमाने या इंतजार करने के बजाय तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) को दिखाएं। बच्चे के पेशाब में खून दिख रहा है या उसे लगातार बुखार और पेट दर्द है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करवाएं। याद रखें कि बच्चों में पेट में गांठ होने के और भी कई आम कारण हो सकते हैं, इसलिए हर गांठ कैंसर नहीं होती। लेकिन डॉक्टर से जांच करवा लेना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।
हां, आज के समय में मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की कर ली है। विल्म्स ट्यूमर उन बीमारियों में से एक है, जिसका इलाज बहुत सफल माना जाता है। डॉक्टर सबसे पहले अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन के जरिए ट्यूमर की सही स्थिति का पता लगाते हैं। इसके बाद जरूरत के हिसाब से सर्जरी करके ट्यूमर को बाहर निकाला जाता है और कीमोथेरेपी या रेडिएशन की मदद से बची हुई कैंसर कोशिकाओं को खत्म किया जाता है। अगर बीमारी की पहचान सही समय पर हो जाए, तो लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होकर एक सामान्य और लंबी जिंदगी जीते हैं।
Updated on:
11 Sept 2026 10:37 am
Published on:
11 Sept 2026 10:37 am
