
फेफड़ों में पानी किस कारण से भर जाता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
ARDS Symptoms: सांस लेना हमारे जीवन की सबसे सहज और स्वाभाविक प्रक्रिया है। हम बिना सोचे दिन में हजारों बार सांस लेते हैं। लेकिन सोचिए, अगर अचानक सांस लेने के लिए बहुत ताकत लगानी पड़े, फेफड़ों में हवा ही न पहुंचे और शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगे, तो स्थिति कितनी भयावह हो सकती है। इसको ARDS (Acute Respiratory Distress Syndrome) यानी एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम कहा जाता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, ARDS एक खतरनाक स्थिति है, जिसमें मरीज के फेफड़ों की छोटी-छोटी हवा की थैलियों में तरल पदार्थ (पानी) जमा हो जाता है। आइए इसे समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और यह कितनी गंभीर हो सकती है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, हमारे फेफड़ों के अंदर लाखों छोटी-छोटी थैलियां होती हैं, जिन्हें एल्वियोली (Alveoli) कहा जाता है। जब हम सांस लेते हैं, तो हवा इन्हीं थैलियों में भरती है और यहीं से ऑक्सीजन खून में घुलती है, जो पूरे शरीर तक पहुंचती है। साथ ही खून से कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलती है।जब शरीर में कोई गंभीर बीमारी, इंफेक्शन या बड़ी चोट लगती है, तो फेफड़ों की इन नाजुक थैलियों की दीवारों को नुकसान पहुंचता है। सूजन और चोट के कारण थैलियों की झिल्ली में छेद होने लगते हैं और आसपास की रक्त वाहिकाओं से तरल पदार्थ (Fluid) निकलकर इन हवा की थैलियों में भरने लगता है। जब थैलियों में पानी भर जाता है, तो वहां हवा के लिए जगह ही नहीं बचती। नतीजा यह होता है कि खून को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और शरीर के मुख्य अंग (जैसे दिल, दिमाग और गुर्दे) ऑक्सीजन के लिए तड़पने लगते हैं।
ARDS के लक्षण बहुत तेजी से और अचानक विकसित होते हैं। अक्सर किसी मुख्य बीमारी या हादसे के 12 से 48 घंटे के भीतर मरीज की हालत बिगड़ने लगती है। नीचे दिए गए लक्षण ARDS की चेतावनी हो सकते हैं;
ARDS कोई ऐसी बीमारी नहीं है जो अचानक बिना किसी वजह के हो जाए। यह हमेशा शरीर में पहले से मौजूद किसी गंभीर समस्या, चोट या इंफेक्शन के कारण पैदा होती है। इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं;
ARDS एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसका इलाज घर पर या सामान्य वार्ड में संभव नहीं है। ऐसे मरीजों को तुरंत ICU (इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती करना पड़ता है। फेफड़े खुद से सांस लेने में सक्षम नहीं होते, इसलिए मरीज को मशीन (Ventilator) के जरिए ऑक्सीजन दी जाती है ताकि शरीर के बाकी अंगों तक सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुंच सके। जिस वजह से ARDS हुआ है (जैसे निमोनिया या सेप्सिस), उसके लिए एंटीबायोटिक्स और अन्य दवाएं दी जाती हैं।फेफड़ों में पानी को और बढ़ने से रोकने के लिए शरीर में ड्रिप और दवाओं के जरिए लिक्विड का बहुत बारीक संतुलन बनाया जाता है।
ARDS एक जानलेवा स्थिति हो सकती है। अगर आपके घर में किसी व्यक्ति को निमोनिया, तेज बुखार या कोई चोट लगने के बाद अचानक सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही हो, तो एक मिनट का भी समय गंवाए बिना मरीज को नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में ले जाएं। समय पर मिलने वाला इलाज मरीज की जान बचा सकता है।
Published on:
10 Sept 2026 12:30 pm
