अक्सर हम कहते है या सुनते आये है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में भावनात्मक रूप से ज़्यादा मजबूत होती है और हम हमेशा यह देखते आये कि हमारे परिवार की महिलाएं तनाव का मुकाबला पुरुषों की अपेक्षा ज़्यादा अच्छे से करती है मगर एक स्टडी में यह पाया गया है कि तनाव के कारण महिलाएं अत्यधिक शराब पीना शुरू कर देती है।
'Psychology of Addictive Behaviors Journal' में छपे शोध के अनुसार तनाव महिलाओं को अत्यधिक शराब पीने के लिए प्रेरित कर सकता है। जिन पुरुषों ने समान तनाव का अनुभव किया था, उन्होंने केवल तभी अधिक मात्रा में शराब का सेवन तब शुरू किया जब उन्हें शराब पीने की आदत थी या शराब का सेवन शुरू कर चुके थे। हालांकि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में शराब के दुरुपयोग ज़्यादा है मगर अब महिलाएं भी इसमें पीछे नहीं है और जो सबसे महत्वपूर्ण बात है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को शराब से संबंधित समस्याओं के विकसित होने का खतरा ज़्यादा होता है।
इस शोध के अंतर्गत एक नकली बार में तनावपूर्ण और गैर-तनावपूर्ण स्थितियों का अनुभव करते हुए लोगो ने शराब का सेवन किया। और यह पाया गया की तनावपूर्ण स्थितियों में महिलाएं पुरुषों की तुलना में अत्यधिक शराब का सेवन किया। यह शोध जिसने शराब के सेवन में सेक्स के अंतर का अध्ययन करने के महत्व को प्रदर्शित किया।कुछ लोग एक या दो शराब का पेग पीने के बाद खुद को रोकने में सक्षम होते है मगर कुछ बस लगातार पीते ही रहते हैं।
शराब पीने पर नियंत्रण ना होना अल्कोहल सम्बंधित विकारों के शुरुआती लक्षणों में एक है। और हम जानते हैं कि तनाव और शराब पीने पर खराब नियंत्रण अत्यधिक शराब पीने की तरफ ज़्यादा प्रेरित करता है।Julie Patock-Peckham, ASU में सहायक शोध प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखक ने कहा कि शराब पर नियंत्रण ना होना और तनाव को अच्छे से हैंडल ना कर पाने के कारण महिलाएं अत्यधिक शराब पीने की ओर प्रेरित हुई।
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एक शोध प्रयोगशाला में एक बारटेंडर, बार स्टूल और जीवंत बातचीत माहौल में इस स्टडी को किया गया। इस स्टडी में 105 महिलाएं और 105 पुरुष शामिल थे। उन्हें अलग-अलग समूहों में बाँट दिया गया जिनमें से कुछ तनावपूर्ण स्थिति और कुछ गैर-तनावपूर्ण स्थिति का अनुभव कर रहे थे। इसके बाद, आधे प्रतिभागियों को एक अल्कोहलिक ड्रिंक दिया गया जो तीन कॉकटेल के बराबर था और दूसरे आधे ग्रुप को नॉन अल्कोहलिक ड्रिंक दिया गया । उसके बाद, सभी प्रतिभागियों के पास 90 मिनट के लिए बार में अल्कोहलिक ड्रिंक का कोई प्रतिबन्ध नहीं था ।
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एक्सपेरिमेंटल सेट-अप ने शोध दल को यह निर्धारित करने दिया कि तनाव, प्रारंभिक पेय या दोनों के संयोजन के कारण प्रतिभागियों ने कितनी शराब का सेवन किया। टीम ने शराब की खपत को कुल पीने वाले पेय और सांस रक्त अल्कोहल सामग्री (बीएसी) का उपयोग करके मापा।