स्वास्थ्य

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया बच्चों को बीमारियों से बचाना है तो अपनाएं SUMAN-K, क्लीवलैंड क्लिनिक और सीडीसी से जानें 20 सेकंड हैंडवॉश के फायदे

SUMAN K Handwash Method Hindi: क्या आपके बच्चे भी सही से हाथ नहीं धोते? जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय का SUMAN-K तरीका, जो पेट दर्द, दस्त, उल्टी और बुखार जैसी बीमारियों से बच्चों को रखेगा दूर।
2 min read
Jul 28, 2026
SUMAN K handwash method ,SUMAN K steps for hand hygiene,20 second handwash rule for kids,
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया बच्चों को बीमारियों से बचाना है तो अपनाएं SUMAN-K- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

SUMAN K Handwash Method: छोटे बच्चे दिनभर यहां-वहां हाथ मारते रहते हैं कभी जमीन पर, कभी मिट्टी में, तो कभी खिलौनों पर। इस चक्कर में उनके नन्हे हाथों में बहुत सारे कीटाणु (जर्म्स) चिपक जाते हैं। फिर वही हाथ वे मुंह में डालते हैं या उसी से खाना खा लेते हैं, जिससे पेट दर्द, दस्त, उल्टी और बुखार जैसी बीमारियां उन्हें घेर लेती हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय भी कहता है कि बच्चों को बीमारियों से दूर रखने का सबसे आसान इलाज है साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक सही से हाथ धोना।

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, 20 सेकंड का मतलब है मन ही मन में दो बार हैप्पी बर्थडे गाना गा लेना! बस इतनी सी देर में बच्चे के हाथ एकदम साफ हो जाते हैं। अब सवाल यह है कि बच्चों को सही से हाथ धोना कैसे सिखाएं? इसके लिए एक बहुत ही मजेदार और आसान तरीका है SUMAN-K (सुमन-के)। अभी तक हाथ धोने के इस फॉर्मूले पर अस्पतालों में काम होता है जहां डॉक्टर और नर्सिंग कर्मचारी कोई भी चिकित्सकीय क्रिया के बाद इस तरीके से हाथ धोते हैं। आइए जानते हैं कि ये नया फॉर्मूला क्या है?

क्या है यह SUMAN-K फार्मूला?

SUMAN-K कोई मुश्किल नाम नहीं है। इसके हर एक अक्षर (Letter) में हाथ साफ करने का एक आसान स्टेप छिपा है। जब भी हाथ धोए, बस ये 6 कदम याद रखें;

1. S (सीधा)- सबसे पहले हाथों में साबुन लगाएं और दोनों हथेलियों को सामने से सीधा-सीधा आपस में रगड़ें।

2. U (उल्टा)- अब एक हाथ को दूसरे हाथ के पीछे रखें और उंगलियों के बीच की जगह को उल्टी तरफ से अच्छे से रगड़कर साफ करें। यही दूसरे हाथ के साथ भी करें।

3. M (मुट्ठी)- दोनों हाथों की उंगलियों को एक-दूसरे में फंसाकर मुट्ठी जैसी बना लें और उंगलियों के जोड़ों को आपस में रगड़ें।

4. A (अंगूठा)- अक्सर लोग हाथ धोते वक्त अंगूठा भूल जाते हैं। इसलिए अंगूठे को दूसरे हाथ से पकड़कर गोल-गोल घुमाते हुए साफ करें।

5. N (नाखून)- बच्चों के नाखूनों में सबसे ज्यादा गंदगी और कीटाणु छिपे होते हैं। उंगलियों के सिरों को दूसरी हथेली पर रखकर गोल-गोल रगड़ें ताकि नाखूनों का मैल बाहर निकल जाए।

6. K (कलाई)- आखिर में दोनों हाथों की कलाइयों (Wrist) तक साबुन ले जाएं और उन्हें भी अच्छे से मलकर धो लें।

20 सेकंड तक ही क्यों धोने हैं हाथ?

आपने देखा होगा कि बच्चे नल खोलते हैं, पानी में हाथ भिगोते हैं और भाग जाते हैं। ऐसे हाथ धोने का कोई फायदा नहीं होता, क्योंकि कीटाणु इतनी जल्दी नहीं मरते। जब आप साबुन लगाकर हाथों को 20 सेकंड तक रगड़ते हैं, तब जाकर साबुन का झाग कीटाणुओं को खत्म कर पाता है। सीडीसी के शोध से पता चलता है कि हाथों को साफ रखने से दस्त पैदा करने वाली 3 में से 1 बीमारी और श्वसन संबंधी संक्रमणों में से 5 में से 1 बीमारी को रोका जा सकता है।

बच्चों को कब-कब हाथ धुलवाना जरूरी है?

  • खाना या नाश्ता करने से ठीक पहले।
  • टॉयलेट (शौचालय) से आने के बाद।
  • बाहर पार्क या गली में खेलकर घर लौटने पर।
  • छींकने, खांसने या नाक साफ करने के बाद।
  • घर के किसी पालतू जानवर (कुत्ते-बिल्ली) को सहलाने या उनके साथ खेलने के बाद।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
28 Jul 2026 08:55 am
Published on:
28 Jul 2026 08:55 am