स्वास्थ्य

बुखार और खांसी के साथ चेहरे पर लाल चकत्ते! गर्मी में तेजी से फैल रहा स्कारलेट फीवर

Scarlet Fever: अगर आपके बच्चे को तेज बुखार है और अचानक उसके चेहरे या शरीर पर लाल दाने दिखने लगें, तो सावधान हो जाएं। यह स्कारलेट फीवर हो सकता है।

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Apr 29, 2026
Scarlet Fever, Scarlet Fever Cause
Scarlet Fever (Image- gemini)

Scarlet Fever: बीमारी कभी-कभी हमें धोखा दे देती है। हमें लगता है कि बच्चे को सिर्फ ठंडा लग गया है या मामूली वायरल है। लेकिन कभी-कभी बुखार के दो-तीन दिन बाद गले में तेज दर्द होने लगता है और शरीर पर लाल रंग के चकत्ते पड़ जाते हैं। एक ऐसा ही मामला आया जहां बच्चे की खांसी ठीक नहीं हो रही थी और चेहरा लाल पड़ने लगा, तब जाकर पता चला कि उसे स्कारलेट फीवर है। आइए डॉ. विकास पाटिल (एमबीबीएस, डीसीएच) से जानते हैं इसे कैसे पहचानें।

क्या है स्कारलेट फीवर?

यह एक तरह का बैक्टीरिया वाला इंफेक्शन है। यह ज्यादातर उन बच्चों को होता है जिनके गले में खराश या इंफेक्शन हो जाता है। अगर इसका सही समय पर इलाज न हो, तो यह शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

स्कारलेट फीवर के कारण (Causes)

यह बीमारी ग्रुप ए स्ट्रेप्टोकोकस नाम के बैक्टीरिया की वजह से होती है। यह वही बैक्टीरिया है जिससे गले में इंफेक्शन (Strep Throat) होता है। यह बैक्टीरिया शरीर में एक खास तरह का जहर (Toxin) छोड़ता है, जिसकी वजह से शरीर पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। ये संक्रमित बच्चे के खांसने या छींकने से यह दूसरे बच्चों में भी फैल सकती है।

स्कारलेट फीवर के लक्षण (Symptoms)

  • शरीर पर चमकीले लाल रंग के दाने निकल आते हैं।
  • गला अंदर से बहुत ज्यादा लाल हो जाता है।
  • गले के अंदर टॉन्सिल्स पर सफेद धब्बे दिखाई दे सकते हैं।
  • जीभ लाल और दानेदार हो जाती है।
  • बच्चे को अचानक 101°F या उससे ज्यादा बुखार आ सकता है।
  • होंठों के आसपास का हिस्सा पीला होना।

बचाव के उपाय (Prevention)

  • बच्चों को बार-बार साबुन से हाथ धोने की आदत डालें।
  • घर में कोई बीमार है, तो उसके बर्तन, तौलिया या कपड़े अलग रखें।
  • खांसते या छींकते समय मुंह पर रुमाल रखने की सलाह दें।
  • अगर स्कूल या आसपास किसी बच्चे को यह इंफेक्शन है, तो अपने बच्चे को कुछ दिन उससे दूर रखें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
29 Apr 2026 10:55 am