स्वास्थ्य

Testicular Torsion Tilak Varma : क्रिकेटर तिलक वर्मा को टेस्टिकुलर टॉर्शन, ये बीमारी पिता बनने का सपना तोड़ देती है

Tilak Varma Testicular Torsion Disease : क्रिकेटर तिलक वर्मा की एक बीमारी को लेकर चर्चा हुई। डॉक्टर ने बताया कि टेस्टिकुलर टॉर्शन पुरुषों में होने वाली गंभीर बीमारी है जिसके कारण पिता बनने का सपना (Male infertility) टूट जाता है।
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Jan 16, 2026
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तिलक वर्मा की फाइल फोटो | Photo - BCCI

Testicular Torsion Tilak Varma Disease : क्रिकेटर तिलक वर्मा की एक बीमारी को लेकर चर्चा हुई जिसके कारण पिता बनने का सपना टूट जाता है। इस कारण तिलक को सर्जरी करानी पड़ी थी। टेस्टिकुलर टॉर्शन क्या है, टेस्टिकुलर टॉर्शन के लक्षण (Testicular Torsion Symptoms) और बचाव आदि क्या हैं? हम इन सारी बातों को नीचे जानेंगे।

तिलक वर्मा की सर्जरी करनी पड़ी

विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान तिलक को पेट के निचले हिस्से में अचानक तेज दर्द हुआ था। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा था। वहां पर जांच के बाद टेस्टिकुलर टॉर्शन की समस्या के बारे में पता चला। डॉक्टरों ने कहा कि तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा। बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) की मेडिकल टीम की सलाह पर राजकोट के एक सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में सर्जरी की गई थी।

टेस्टिकुलर टॉर्शन क्या है?

अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन के मुताबिक, टेस्टिकुलर टॉर्शन तब होता है जब अंडकोष (testicle) के आसपास के ऊतक (tissues) अच्छी तरह से जुड़े नहीं होते हैं। इस कारण अंडकोष, स्पर्मेटिक कॉर्ड के चारों ओर घूम या मुड़ सकता है। जब ऐसा होता है, तो अंडकोष में रक्त का प्रवाह रुक जाता है। इसके कारण गंभीर दर्द और सूजन हो सकती है। इसे एक मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है। अगर सामान्य भाषा में कहा जाए तो जब टेस्टिकुलर सामान्य स्थिति में नहीं रहते हैं तब इस तरह की समस्या उत्पन्न होती है।

Testicular Torsion Symptoms | टेस्टिकुलर टॉर्शन के लक्षण

  • टेस्टिकुलर टॉर्शन का सबसे आम संकेत टेस्टिकुलर में अचानक तेज दर्द
  • टेस्टिकुलर की साइज में बदलाव
  • टेस्टिकुलर का रंग बदलना
  • टेस्टिकुलर में सूजन

एसोसिएशन ये कहता है कि टेस्टिकुलर टॉर्शन एक मेडिकल इमरजेंसी है। यदि रक्त की आपूर्ति 06 घंटे के भीतर बहाल नहीं की जाती है, तो अंडकोष सिकुड़ सकता है (एट्रोफी) या मर सकता है (इन्फार्क्ट)। रक्त की आपूर्ति बंद होने पर अंडकोश बहुत कोमल, लाल और सूज जाता है।

4 हजार में से एक पुरुष इससे पीड़ित

यह एक बहुत सामान्य समस्या नहीं है। यह 25 वर्ष से कम उम्र के लगभग 4,000 पुरुषों में से 1 को होती है। यह नवजात शिशुओं और वृद्ध पुरुषों में भी हो सकती है।

सर्जरी है सही विकल्प

टेस्टिकुलर टॉर्शन के सभी रोगियों को सर्जरी की आवश्यकता होती है। यदि सर्जरी में 12 घंटे से अधिक की देरी होती है, तो 4 में से 3 रोगियों के अंडकोष को निकालना पड़ सकता है।

डॉक्टर की सलाह

डॉ. हिमांशु गुप्ता (फिजिशियन) के मुताबिक, टेस्टिकुलर पुरुष के शरीर का संवेदनशील हिस्सा है। साथ ही ये शुक्राणु के उत्पादन के लिए भी उतना ही आश्यक है। अगर इसको लेकर लापरवाही करते हैं तो आगे चलकर इससे पिता बनने का सपना भी टूट सकता है। इसलिए, इसको लेकर लापरवाही ना करें।

Updated on:
24 Feb 2026 03:16 pm
Published on:
16 Jan 2026 10:46 am