
भारत सहित कई देशों में शुरू हुए टीकाकरण के बाद कोरोना के प्रकोप पर नियंत्रण की उम्मीद तो बढ़ गई, लेकिन आशंकाएं अब भी बरकरार हैं। अब लैंसेट मैगजीन में प्रकाशित नया अध्ययन डराने वाला है। शोध में दावा किया गया है कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी कई रोगियों में छह माह तक इसके लक्षण नजर आ रहे हैं। दावा यहां तक किया गया है कि ठीक होने के बाद 76 फीसदी लोगों में कोरोना का कोई न कोई लक्षण रह जाता है। यह तब था, जब सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी थी।
63 फीसदी में थकान, अनिद्रा और अवसाद
शोध मे पाया गया कि बीमारी से ठीक होने के बाद भी पीडि़तों में थकान, सुस्ती और मांसपेशियों की कमजोरी जैसी शिकायतें आम हैं। लैंसेट की रिपोर्ट में बताया गया है कि शोध में शामिल 63 फीसदी लोगों में मांसपेशियों में दर्द-जकडऩ, थकान, अनिद्रा और अवसाद जैसे लक्षण दिखे।
किस उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा
इस तरह के लक्षण सभी आयु वर्ग के लोगों में दिखे हैं। लेकिन बुजुर्गों को सबसे ज्यादा सावधानी की आवश्यकता है। कोरोना का तनाव या कम आराम से इसका असर भी लंबे समय तक रह सकता है।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
देखा जा रहा है कि वैक्सीन बनने के बाद लोग लापरवाही बरतने लगे हैं, जो खतरनाक हो सकता है। अभी मास्क, सैनिटाइजर का प्रयोग, फिजिकल डिस्टेंसिंग को बनाए रखना जरूरी है।