Thick Thigh Benefits: मजबूत जांघें सिर्फ लुक्स नहीं, बेहतर मेटाबॉलिज्म, शुगर कंट्रोल और एनर्जी के लिए जरूरी हैं। जानिए थाई मसल्स के फायदे।
Thick Thigh Benefits: आजकल युवाओं के बीच Thick thighs save lives वाला जुमला काफी पॉपुलर है। ज्यादातर लोग इसे फैशन या बॉडी पॉजिटिविटी से जोड़कर देखते हैं, लेकिन सेहत के लिहाज से भी इसमें काफी सच्चाई छुपी है। अमेरिका के मैरीलैंड में रहने वाले डॉक्टर कुनाल सूद, जो एनेस्थीसियोलॉजी और पेन मेडिसिन के एक्सपर्ट हैं, कहते हैं कि मजबूत जांघें सच में हेल्दी लाइफ में बड़ी भूमिका निभाती हैं।
हमारी जांघों में शरीर की सबसे बड़ी मांसपेशियां होती हैं। ये मसल्स चलने, बैठने, झुकने, उठने और शरीर का संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं। इसके अलावा, जांघें शरीर का ज्यादातर वजन संभालती हैं और कूल्हों व पैरों को सही पोजिशन में रखती हैं।
डॉ. सूद के अनुसार, जांघों की मसल्स हमारे शरीर के लिए मेटाबॉलिक दवा की तरह काम करती हैं। वे जांघों को शरीर का मेटाबॉलिक इंजन कहते हैं, क्योंकि यहीं पर शरीर सबसे ज्यादा ग्लूकोज (शुगर) का इस्तेमाल करता है। जब जांघों की मसल्स मजबूत होती हैं और नियमित एक्सरसाइज से एक्टिव रहती हैं, तो वे खून से ज्यादा शुगर खींच लेती हैं। इससे शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होती है। एनर्जी लेवल स्थिर रहता है। बार-बार थकान या सुस्ती नहीं होती है। लंबे समय में डायबिटीज और मेटाबॉलिक बीमारियों का खतरा कम होता है।
डॉ. सूद कहते हैं कि शुरुआत में बहुत भारी एक्सरसाइज की जरूरत नहीं है। कम से कम ये दो एक्सरसाइज जरूर करें। स्क्वैट्स (या कुर्सी से उठना-बैठना), स्टेप-अप्स या लंजेस करें। शुरुआत में हफ्ते में 2 दिन लेग एक्सरसाइज काफी है। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं। रोज थोड़ा-थोड़ा और लगातार करना, कभी-कभार ज्यादा करने से बेहतर है।
डॉ. सूद यह भी बताते हैं कि पेट की तुलना में जांघों और कूल्हों में जमा फैट शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित होता है। हालांकि, असली फोकस फैट नहीं बल्कि मसल्स बनाने पर होना चाहिए।