Tirupati Laddu : Animal Fat की बात करें तो किसी भी जानवर में पाएं जाने वाले "Fat" यानी "वसा" को Animal Fat कहते हैं।
Tirupati Laddu Case : विश्व प्रसिद्ध और आस्था का प्रतीक तिरुपति बालाजी मंदिर के लड्डू को बनाने में घटिया सामग्री और Animal Fat के कथित उपयोग को लेकर शुरू हुआ विवाद गरमाता जा रहा है। इस बात का दावा किया जा रहा है कि लड्डू को बनाने में कई तरह के Animal Fat का उपयोग किया गया है। हलाकिं इस दावे में कितनी सच्चाई है, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। लेकिन इस बात से श्रद्धालु बहुत आहत हुए हैं। इसलिए सबसे पहले यह जानते हैं कि इस तरह के Animal Fat के सेवन के क्या फायदे और नुकसान होते हैं?
Animal Fat की बात करें तो किसी भी जानवर में पाएं जाने वाले "Fat" यानी "वसा" को Animal Fat कहते हैं। Animal Fat किसी एक जानवर में नहीं होता बल्कि जैसे मनुष्य में "Fat" पाया जाता है। उसी प्रकार अलग-अलग जानवरों से भी Fat आता है। जैसे Tallow गोमांस के Fat को कहते हैं। वहीं "Lard" सूअर के Fat को कहते है । इसके अलावा चिकन Fat जैसे कई अन्य तरीके के Animal Fat होते हैं। मूलतः जानवरों के Fat को आग पर बहुत देर तक पकाने से इनकी चर्बी "घी" जैसा हो जाती है। विवाद में इसी का बात का जिक्र है कि Fish Oil, Lard और Tallow का प्रयोग लड्डू को बनाने के लिए किया गया है।
Animal Fat या पशु वसा के कई तरीके के अपने फायदे हैं। कई तरीके के खाद्य पदार्थों और दवाइयों में पशु वसा खासकर Fish Oil का प्रयोग किया जाता है। कई खाद्य पदार्थों और दवाइयों के पैकेज पर भी Fish Oil का जिक्र रहता है। इसके अलावा Animal Fat विटामिन (ए, डी, ई और के) जैसे आवश्यक पोषक तत्व हमारे शरीर को प्रदान करते हैं। जिनकी जरुरत हमारे शरीर को होती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि इसका विकल्प मौजूद नहीं है। कई तरह के शाकाहारी खानों और प्रकार में भी शरीर के लिए जरुरी पोषक तत्त्व मौजूद होते हैं। जैसे सरसों के तेल के अलावा सफेद तील का तेल, काले तील का तेल मूंगफली का तेल। इन सब में भी शरीर के लिए जरुरी पोषक तत्त्व मौजूद होते हैं।
Animal Fat और बीफ की बात करें तो बीफ या एनिमल फैट खाने से पेट दर्द, कब्ज, उल्टी, दस्त जैसी कई तरह की शारीरिक दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा Animal Fat में calorie काफी ज्यादा होती है, जिससे किसी का भी शरीर में तेजी से वजन बढ़ सकता है। वहीं Animal Fat में Saturated Fat की मात्रा अधिक होती है, जिससे Animal Fat के ज्यादा सेवन से ह्रदय रोग और हार्ट अटैक का खतरा रहता है। इसके अलावा कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा भी ज्यादा या किसी-किसी केस में कम Animal Fat के सेवन से भी रहता है।