Indoor Air Pollution: टोस्टर, एयर फ्रायर और हेयर ड्रायर जैसे घरेलू उपकरण हवा में खतरनाक अल्ट्राफाइन कण छोड़ते हैं। जानिए इससे सेहत को क्या खतरा और कैसे बचें।
Indoor Air Pollution: अक्सर हम सोचते हैं कि प्रदूषण सिर्फ बाहर की हवा में होता है। लेकिन एक नई रिसर्च बता रही है कि हमारे घर के अंदर इस्तेमाल होने वाले आम गैजेट्स भी चुपचाप हवा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। टोस्टर, एयर फ्रायर और हेयर ड्रायर जैसे रोजमर्रा के उपकरण खरबों अल्ट्राफाइन पार्टिकल्स हवा में छोड़ सकते हैं, जो सीधे हमारे फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं।
दक्षिण कोरिया की पुसान नेशनल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इन उपकरणों पर स्टडी की। उन्होंने एक बंद लैब चैंबर में इन गैजेट्स को चलाकर देखा कि हवा में कितने और कैसे कण निकलते हैं। नतीजे चौंकाने वाले थे।
अल्ट्राफाइन पार्टिकल्स (UFPs) इतने छोटे होते हैं कि नाक उन्हें रोक ही नहीं पाती। ये 100 नैनोमीटर से भी छोटे होते हैं और सांस के साथ सीधे फेफड़ों में, फिर खून तक पहुंच सकते हैं। बच्चों के लिए ये ज्यादा खतरनाक हैं, क्योंकि उनकी सांस की नलियां छोटी होती हैं और कण ज्यादा देर तक अंदर रह जाते हैं। स्टडी में इन कणों के साथ कॉपर, आयरन, एल्युमिनियम, सिल्वर और टाइटेनियम जैसे भारी धातु भी पाए गए। माना जा रहा है कि ये धातुएं गैजेट्स के हीटिंग कॉइल और मोटर से निकलती हैं। शरीर में पहुंचने पर ये सूजन, कोशिकाओं को नुकसान और लंबे समय में दिल व दिमाग पर असर डाल सकती हैं।
खाली टोस्टर सबसे बड़ा दोषी निकला। सिर्फ उसके गर्म कॉइल से हर मिनट करीब 1.7 ट्रिलियन कण निकल रहे थे। एयर फ्रायर खाना बनाते समय लगातार कण छोड़ते रहे। हेयर ड्रायर, खासकर जिनमें पुराने ब्रश वाले मोटर होते हैं, अचानक बहुत ज्यादा कण हवा में फैलाते हैं। अच्छी खबर यह है कि जिन हेयर ड्रायर में ब्रशलेस मोटर थी, उनमें प्रदूषण 10 से 100 गुना कम था। यानी बेहतर डिजाइन से खतरा काफी घट सकता है।
ये छोटे कण फेफड़ों से खून में पहुंचकर पूरे शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं। लंबे समय में इनका संबंध अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, डायबिटीज और यहां तक कि कैंसर से भी जोड़ा गया है। घर में ज्यादा समय बिताने वाले लोग—जैसे बच्चे, बुज़ुर्ग और वर्क-फ्रॉम-होम करने वाले ज्यादा जोखिम में हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि अब समय आ गया है कि इंडोर एयर पॉल्यूशन को भी गंभीरता से लिया जाए। जैसे एनर्जी रेटिंग होती है, वैसे ही गैजेट्स की पार्टिकल एमिशन टेस्टिंग भी जरूरी हो सकती है। छोटे-छोटे बदलाव और सही जानकारी से हम अपने घर की हवा को काफी हद तक साफ रख सकते हैं, क्योंकि परिवार की सेहत सबसे पहले आती है।