स्वास्थ्य

Toilet Phone Scrolling Health Risk: टॉयलेट में ज्यादा देर तक मोबाइल चलाना बन सकता है बवासीर जैसी गंभीर बीमारियों की वजह

Toilet Phone Scrolling Health Risk: एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि टॉयलेट में ज्यादा देर तक मोबाइल पर स्क्रॉल करना हेमोरॉयड्स (बवासीर) जैसी तकलीफ को बढ़ा सकता है, साथ ही कब्ज और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं की बड़ी वजह बन सकता है।
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Sep 10, 2025
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Phone use in bathroom causes hemorrhoids|फोटो सोर्स – Freepik

Toilet Phone Scrolling Health Risk: क्या आप भी टॉयलेट में मोबाइल फोन लेकर बैठते हैं? तो आपको बता दें कि यह आदत अब आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकती है।एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि टॉयलेट में ज्यादा देर तक मोबाइल पर स्क्रॉल करना हेमोरॉयड्स (बवासीर) जैसी तकलीफ को बढ़ा सकता है, साथ ही कब्ज और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं की बड़ी वजह बन सकता है।इसके अलावा इससे शरीर को ही नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, स्टेटस और आत्म-नियंत्रण की क्षमता को भी नुकसान पहुंचता है।आइए जानते हैं टॉयलेट में ज्यादा देर तक बैठने से होने वाली आम बीमारियों के बारे में।

टॉयलेट में मोबाइल चलाने वालों में बवासीर का खतरा ज्यादा

अमेरिका में हुई एक स्टडी में पाया गया कि 45 साल से ऊपर के 66% लोग टॉयलेट में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं।
ये लोग औसतन 5 मिनट से ज्यादा समय तक टॉयलेट में बैठे रहते हैं, जबकि बिना फोन वाले केवल 7% ही इतने समय तक रुकते हैं। टॉयलेट में मोबाइल चलाने वालों में बवासीर का खतरा 46% ज्यादा पाया गया।यह आदत पेल्विक फ्लोर मसल्स पर दबाव डालती है, जिससे गुदा की नसों में खून जमने लगता है और बवासीर की संभावना बढ़ जाती है।

टॉयलेट में ज्यादा देर तक मोबाइल चलाने से होने वाली संभावित बीमारियां

  • बवासीर (Piles / Hemorrhoids)
  • यूटीआई (Urinary Tract Infection - महिलाओं में खास तौर पर)
  • डिजिटल आई स्ट्रेन (Digital Eye Strain)
  • कब्ज (Constipation)
  • एनोरेक्टल फिशर (Anal Fissure)
  • लोअर बैक पेन (Lower Back Pain)
  • सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस / गर्दन दर्द (Neck Strain / Text Neck)
  • पेल्विक फ्लोर डिसफंक्शन (Pelvic Floor Dysfunction)

बवासीर क्या है?

बवासीर (Piles / Hemorrhoids) को आम भाषा में अक्सर “मस्से” भी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गुदा और मलाशय (anus & rectum) की नसें सूजकर गांठ जैसी बन जाती हैं। ये गांठें कभी अंदर रहती हैं और कभी बाहर की ओर निकल आती हैं। इस वजह से रोगी को दर्द, खुजली, जलन, असहजता और कई बार शौच के दौरान खून आने जैसी समस्या हो सकती है।

किन कारणों से बढ़ती है बवासीर की समस्या?

  • 45 साल से ज्यादा उम्र में इसका खतरा बढ़ जाता है।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं में बढ़ते वजन और हार्मोनल बदलाव की वजह से।
  • लंबे समय तक कब्ज रहने से जोर लगाना पड़ता है, जिससे नसें सूज जाती हैं।
Updated on:
10 Sept 2025 11:22 am
Published on:
10 Sept 2025 11:22 am