Heart Attack Symptoms: राजस्थान में चलती ट्रेन में एक यात्री को हार्ट अटैक आया, लेकिन समय पर दिए गए CPR से उसकी जान बच गई। जानें हार्ट अटैक के लक्षण, CPR कैसे काम करता है और गोल्डन मिनट्स क्यों जरूरी हैं।
Heart Attack Symptoms: राजस्थान में चलती ट्रेन के भीतर हुई एक घटना ने यह साफ कर दिया कि इमरजेंसी में सही समय पर दी गई प्राथमिक मदद किसी की जिंदगी बचा सकती है। मंगलवार को जोधपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री को अचानक हार्ट अटैक आ गया, जिससे कोच में अफरा-तफरी मच गई।
कोच एस-2 की सीट नंबर 44 पर बैठे अशोक आर्य को अचानक सीने में तेज दर्द और बेचैनी महसूस हुई। कुछ ही सेकंड में उनकी हालत गंभीर हो गई और वे बेहोशी की स्थिति में पहुंच गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत समझ लिया कि यह हार्ट अटैक का मामला हो सकता है।
सूचना मिलते ही जीआरपी टीम मौके पर पहुंची और बिना देर किए यात्री को CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। यह एक ऐसी तकनीक है, जिसमें छाती पर दबाव देकर दिल और फेफड़ों को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश की जाती है। कुछ ही मिनटों में CPR का असर दिखा और यात्री की बंद होती सांसें धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं। यह साबित करता है कि सही समय पर दिया गया CPR किसी की जान बचा सकता है।
ट्रेन को तुरंत नजदीकी पीपाड़ रोड स्टेशन पर रोका गया, जहां पहले से ही डॉक्टर को बुला लिया गया था। डॉक्टर ने मौके पर प्राथमिक उपचार देकर मरीज की हालत को स्थिर किया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे मेड़ता रोड स्टेशन पर उतारकर अस्पताल भेजा गया।
डॉक्टरों के अनुसार, हार्ट अटैक के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, जिन्हें गोल्डन मिनट्स कहा जाता है। अगर इस दौरान मरीज को सही मदद मिल जाए, तो जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। CPR इसी गोल्डन टाइम में सबसे ज्यादा असरदार साबित होता है क्योंकि यह दिल की धड़कन रुकने पर शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बनाए रखने में मदद करता है।
यह घटना एक बड़ा संदेश देती है कि CPR जैसी बेसिक लाइफ सेविंग स्किल हर व्यक्ति को आनी चाहिए। यह कोई जटिल मेडिकल प्रक्रिया नहीं है, बल्कि थोड़ी ट्रेनिंग से कोई भी इसे सीख सकता है। इमरजेंसी में एम्बुलेंस आने तक अगर आसपास मौजूद लोग CPR देना जानते हों, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।