Heart Attack: पेरिस यात्रा के दौरान 24 साल की ट्रैवल इंफ्लुएंसर को हार्ट अटैक। जानें शुरुआती लक्षण, थकान का संकेत और बचाव के उपाय।
Heart Attack: अक्सर यह माना जाता है कि हार्ट अटैक सिर्फ ज्यादा उम्र या गंभीर बीमारियों वाले लोगों को ही होता है, लेकिन हाल ही में सामने आई एक घटना ने इस सोच को गलत साबित कर दिया है। मशहूर ट्रैवल इंफ्लुएंसर फे ग्रीनवुड को पेरिस घूमते समय हार्ट अटैक आ गया। महज 24 साल की उम्र में हुई यह घटना युवाओं के लिए एक बड़ा हेल्थ अलर्ट है।
फे ग्रीनवुड, जिनके इंस्टाग्राम पर 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, ने बताया कि हार्ट अटैक वाले दिन वह खुद को असामान्य रूप से बहुत थका हुआ महसूस कर रही थीं। पूरा दिन उन्होंने सोते हुए ही निकाल दिया। तबीयत ठीक न लगने पर उन्होंने खुद एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल जाने का फैसला किया। लेकिन हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि वह डॉक्टरों को ठीक से यह भी नहीं बता पा रही थीं कि उन्हें क्या महसूस हो रहा है। वह बार-बार बेहोशी में जा रही थीं।
डॉक्टर उपलब्ध न होने के कारण उन्हें वापस होटल भेज दिया गया, लेकिन असली खतरा उसी रात सामने आया। फे ने बताया कि रात में उनकी नींद खून की उल्टी और तेज सांस फूलने से खुली। घबराकर वह दोबारा अस्पताल पहुंचीं। इस बार डॉक्टरों ने तुरंत गंभीर स्थिति को समझा और उन्हें ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। जांच में पता चला कि उनकी एक धमनी में ब्लॉकेज था, जिसकी वजह से हार्ट अटैक हुआ। तुरंत स्टेंट डालकर उनकी जान बचाई गई।
फे ने बताया कि पिछले कई महीनों से उन्हें सीने में दर्द, उल्टी, लगातार थकान और कमजोरी महसूस हो रही थी, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पहले उन्हें डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी नाम की बीमारी भी बताई गई थी, जिसमें दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। हालांकि डॉक्टरों के अनुसार यही हार्ट अटैक का मुख्य कारण नहीं था।
डॉक्टरों के मुताबिक, असामान्य थकान हार्ट अटैक का एक अहम लक्षण हो सकता है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। जब दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पाता, तो शरीर के अंगों और मांसपेशियों तक ऑक्सीजन कम पहुंचती है। इससे हल्का काम भी भारी लगने लगता है। खासकर महिलाओं में यह लक्षण महीनों पहले ही दिख सकता है।
हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन युक्त खून की सप्लाई रुक जाती है। आमतौर पर यह दिल की नस में ब्लॉकेज के कारण होता है। समय पर इलाज न मिले तो दिल की मांसपेशियां खराब होने लगती हैं।