स्वास्थ्य

Union Budget 2026: Pharma Sector को बड़ा Boost, ₹10,000 करोड़ निवेश का ऐलान, दवाइयों से रिसर्च तक फायदा

Union Budget 2026: बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फर्मा सेक्टर को लेकर कई घोषणाएं की हैं। साथ ही फार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ का निवेश होगा।
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Feb 01, 2026
CM Mohan Yadav expresses gratitude to Finance Minister Sitharaman for her favor on MP
CM Mohan Yadav expresses gratitude to Finance Minister Sitharaman for her favor on MP-Demo Pic

Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना 9वां बजट पेश करते हुए हेल्थकेयर सेक्टर को लेकर लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता है कि शुगर (डायबिटीज) और कैंसर जैसी आम और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों की दवाएं आम लोगों को सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही फार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ का निवेश होगा। दवा बनने के लिए दस हजार करोड़ का निवेश होगा। इस बजट में दवा बनाने के लिए बायो फार्मा शक्ति का ऐलान किया गया।

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि सरकार इन दवाओं की कीमत कम करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी, ताकि मरीजों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम हो सके। इस फैसले से खास तौर पर मिडिल क्लास और बुजुर्ग मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि सरकार कैंसर डायबिटीज और ऑटो-इम्यून बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए ज्यादा आर्थिक बोझ न उठाना पड़े। इसी दिशा में सरकार इन गंभीर बीमारियों की दवाओं की कीमतों में कटौती करने की तैयारी कर रही है। साथ ही फार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ का निवेश होगा। दवा बनने के लिए दस हजार करोड़ का निवेश होगा। इस बजट में दवा बनाने के लिए बायो फार्मा शक्ति का ऐलान किया गया।

डायबिटीज और कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती, मिडिल क्लास को राहत

वित्त मंत्री ने साफ किया कि सरकार का मुख्य फोकस इन जरूरी दवाओं पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) को घटाने या पूरी तरह हटाने पर है। इससे दवाओं की लागत कम होगी और इसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा। खासतौर पर कैंसर, डायबिटीज और ऑटो-इम्यून बीमारियों जैसे अर्थराइटिस और ल्यूपस से पीड़ित लोगों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

क्यों इतना महंगा है डायबिटीज, कैंसर और ऑटो-इम्यून बीमारियों का इलाज?

आज के समय में इन बीमारियों का इलाज बेहद महंगा हो गया है। कई मरीजों को सालों तक लगातार दवाएं लेनी पड़ती हैं, जिससे उनकी जेब पर भारी असर पड़ता है। सरकार का मानना है कि दवाएं सस्ती होने से इलाज सभी की पहुंच में आएगा और लोग समय पर उपचार करा सकेंगे। सरकार का यह कदम खास तौर पर मिडिल क्लास और बुजुर्ग मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। साथ ही इससे देश के हेल्थकेयर सिस्टम पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा, क्योंकि सस्ती दवाओं से इलाज की निरंतरता बनी रहेगी।

जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटेगी, कीमतें कम होने की उम्मीद

बजट 2026 में हेल्थ को प्राथमिकता देना यह दिखाता है कि सरकार सिर्फ आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि आम लोगों की सेहत को भी उतना ही अहम मान रही है। अगर कस्टम ड्यूटी में कटौती का यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आने वाले समय में लाखों मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है। कुल मिलाकर, बजट 2026 में दवाओं को सस्ता करने का यह संकेत आम जनता के लिए एक सकारात्मक और राहत भरा कदम माना जा रहा है।

Updated on:
24 Jun 2026 12:20 pm
Published on:
01 Feb 2026 11:25 am