
नई दिल्ली। महिलाओं की आम पीरियड साइकल 28 दिनों तक चलती है। इसमें 7 दिनों का बदलाव हो सकता है यानी पीरियड 7 दिन पहले भी आ सकता है और 7 दिन बाद में भी। नॉर्मल मेंस्ट्रुअल साइकल या पीरियड के दौरान अंडाणु ओवरी से रिलीज होते हैं। इस प्रोसेस को ऑव्युलेशन कहते हैं। हालांकि, कई महिलाओं को एबनॉर्मल यूटरिन ब्लीडिंग होती है जो अनियमित पीरियड्स के लिए दूसरा टर्म है। पीरियड ब्लीडिंग को अनियमित तभी कहा जाएगा जब यह 21 दिन से पहले रिपीट हो रही हो, या 8 दिन से ज्यादा लंबी चल रही हो। ब्लीडिंग 90 दिनों के बाद भी न हो, यानी तीन पीरियड साइकल तक मिस हो जाए, पीरियड काफी अलग और बहुत दर्दनाक हों, पीरियड साइकल के बीच में भी स्पॉट पड़ जाएं।
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स्ट्रेस से दूर रहें
पीरियड्स रेगुलर होने का एक बड़ा कारण स्ट्रेस भी हो सकता है । हो सकता है किसी कारण से आप को स्ट्रेस रह रहा हो । और यह आपके पीरियड्स के डेट में बदलाव कर देगा।
हेल्थ का रखें ख्याल
अन्य हेल्थ कंडीशन जैसे डायबिटीज, सेक्शुअली ट्रांसमिटेड बीमारियां, फाइब्रॉइड्स और अन्य खाने-पीने से जुड़े डिसऑर्डर कई बार पीरियड साइकल को बिगाड़ सकते हैं।
थायरॉइड डिसऑर्डर हो सकता है कारण
थायरॉइड डिसऑर्डर भी एक ऐसा कारण हो सकता है जिससे खून में थाइरॉइड हार्मोन बहुत ज्यादा बढ़ या घट जाता है। इससे पीरियड में दिक्कत होती है।
अपने पीसीओएस का रखे ध्यान
PCOS रेग्युलर पीरियड और ऑवेल्युशन के प्रोसेस में दिक्कत खड़ी कर सकते हैं। यह भी आपके इरेगुरल पीरियड का कारण हो सकता है।