
Urine Culture Test Hindi: कई बार ऐसा होता है कि अचानक पेशाब करते समय तेज जलन होने लगती है, पेट के निचले हिस्से में दर्द होता है या फिर बार-बार टॉयलेट भागना पड़ता है। अमूमन लोग इसे शरीर में गर्मी बढ़ना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर खुद ही कोई एंटीबायोटिक दवा खरीदकर खा लेते हैं। लेकिन जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं, तो वे सबसे पहले आपको यूरिन कल्चर (Urine Culture Test) कराने की सलाह देते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, यह टेस्ट यूरिन इन्फेक्शन को जड़ से ठीक करने के लिए सबसे जरूरी कदम है। आइए समझते हैं कि यह टेस्ट क्या होता है और डॉक्टर इसे क्यों करवाते हैं।
हेल्थलाइन के अनुसार, यह टेस्ट आपके पेशाब में छिपे उन छोटे-छोटे कीटाणुओं (बैक्टीरिया या यीस्ट) का पता लगाता है, जो इन्फेक्शन पैदा कर रहे हैं। आम यूरिन टेस्ट (Urine Routine) सिर्फ यह बताता है कि आपके पेशाब में इन्फेक्शन है या नहीं, लेकिन यूरिन कल्चर टेस्ट यह बताता है कि इन्फेक्शन किस खास बैक्टीरिया की वजह से हुआ है। इस टेस्ट के लिए आपके यूरिन के सैंपल को लैब में एक खास माहौल में 1 से 3 दिनों के लिए रखा जाता है, ताकि उसमें मौजूद कीटाणु बड़े हो सकें और उन्हें आसानी से पहचाना जा सके।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर आपको यूटीआई (UTI - Urinary Tract Infection) यानी मूत्र मार्ग में इन्फेक्शन के लक्षण दिख रहे हैं, तो डॉक्टर यह टेस्ट करवाते हैं। इसके मुख्य लक्षण ये हैं;
इस टेस्ट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह डॉक्टर को सही दवा चुनने में मदद करता है। अगर आप बिना जांच के कोई भी दवा खा लेंगे, तो हो सकता है कि वह उस बैक्टीरिया पर काम ही न करे। यूरिन कल्चर टेस्ट की रिपोर्ट में साफ-साफ लिखा होता है कि आपके शरीर में कौन सा बैक्टीरिया है। इसे मेडिकल भाषा में सेंसिटिविटी टेस्ट भी कहते हैं. इससे मरीज गलत दवाएं खाने से बच जाता है और उसका इलाज बिल्कुल सटीक होता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।