स्वास्थ्य

देर तक यूरिन ना रोकने की यूरोलॉजिस्ट ने दी सलाह, कहा- इससे कई बीमारियों का है रिस्क

Urinary Tract Infection: लंबे समय तक यूरिन रोकने की आदत UTI, ब्लैडर इंफेक्शन और किडनी की समस्या का खतरा बढ़ा सकती है। जानिए डॉ रवि गुप्ता से इसके लक्षण और बचाव के तरीके।

2 min read
May 13, 2026
यूरिन रोकने की आदत और बढ़ते UTI खतरे को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- chatgtp)

Urine Holding Side Effects: ऑफिस की लंबी मीटिंग, ट्रैफिक, सफर या साफ वॉशरूम न मिलने की वजह से कई लोग घंटों तक यूरिन रोककर रखते हैं। खासतौर पर महिलाएं और कामकाजी लोग अक्सर इस आदत को सामान्य मान लेते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि बार-बार और लंबे समय तक यूरिन रोकना शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

यूरोलॉजिस्ट डॉ. रवि गुप्ता ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि लंबे समय तक यूरिन रोककर रखने से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), ब्लैडर की कमजोरी और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

ये भी पढ़ें

UTI Infection FAQ: बार-बार यूरिन इंफेक्शन से लेकर किडनी स्टोन तक, डॉ. संजय पांडे से जानिए हर समस्या का समाधान

यूरिन रोकने से शरीर पर क्या असर पड़ता है?

यूरिन रोकने से शरीर पर असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब हम पेशाब रोकते हैं, तो ब्लैडर में यूरिन लंबे समय तक जमा रहता है। इससे बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका मिलता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सामान्य तौर पर यूरिन शरीर से बैक्टीरिया और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। लेकिन जब इसे लंबे समय तक रोका जाता है, तो यह प्राकृतिक प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है। बार-बार ऐसा करने से ब्लैडर की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है और धीरे-धीरे ब्लैडर कमजोर होने लगता है।

हो सकती हैं ये समस्याएं

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय तक यूरिन रोकने की आदत से कई परेशानियां हो सकती हैं:

  • पेशाब में जलन
  • बार-बार यूरिन आने की समस्या
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द
  • यूरिन इंफेक्शन (UTI)
  • ब्लैडर में सूजन
  • पेशाब पूरी तरह न निकलना
  • गंभीर मामलों में किडनी पर असर

क्यों बन जाती है यह आदत?

आज की बिजी लाइफस्टाइल में लोग काम को प्राथमिकता देते हुए शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करने लगते हैं। ऑफिस प्रेशर, ट्रैवल, लंबे सफर, पब्लिक वॉशरूम से झिझक और बार-बार काम में व्यस्त रहना इसकी बड़ी वजहें हैं। धीरे-धीरे यह आदत शरीर के लिए नुकसानदायक बन जाती है।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?

डॉ गुप्ता के मुताबिक, महिलाओं, डायबिटीज मरीजों, बुजुर्गों और कम पानी पीने वाले लोगों में UTI और ब्लैडर की समस्या का खतरा ज्यादा होता है। अगर किसी को पहले से किडनी या यूरिन इंफेक्शन की समस्या है, तो उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए।

कैसे करें बचाव?

कुछ आसान आदतें अपनाने की सलाह देते हैं:

  • ज्यादा देर तक यूरिन न रोकें
  • हर 3-4 घंटे में वॉशरूम जरूर जाएं
  • दिनभर पर्याप्त पानी पिएं
  • साफ-सफाई का ध्यान रखें
  • ट्रैवल के दौरान वॉशरूम का इस्तेमाल टालें नहीं
  • पेशाब में जलन या दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

ये भी पढ़ें

UTI Infection Causes: शौक से खाते हैं चिकन? सावधान! आपकी प्लेट में रखा ये मांस दे सकता है UTI जैसा दर्दनाक रोग
Published on:
13 May 2026 05:49 pm
Also Read
View All