Urinary Tract Infection: लंबे समय तक यूरिन रोकने की आदत UTI, ब्लैडर इंफेक्शन और किडनी की समस्या का खतरा बढ़ा सकती है। जानिए डॉ रवि गुप्ता से इसके लक्षण और बचाव के तरीके।
Urine Holding Side Effects: ऑफिस की लंबी मीटिंग, ट्रैफिक, सफर या साफ वॉशरूम न मिलने की वजह से कई लोग घंटों तक यूरिन रोककर रखते हैं। खासतौर पर महिलाएं और कामकाजी लोग अक्सर इस आदत को सामान्य मान लेते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि बार-बार और लंबे समय तक यूरिन रोकना शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
यूरोलॉजिस्ट डॉ. रवि गुप्ता ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि लंबे समय तक यूरिन रोककर रखने से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), ब्लैडर की कमजोरी और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
यूरिन रोकने से शरीर पर असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब हम पेशाब रोकते हैं, तो ब्लैडर में यूरिन लंबे समय तक जमा रहता है। इससे बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका मिलता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सामान्य तौर पर यूरिन शरीर से बैक्टीरिया और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। लेकिन जब इसे लंबे समय तक रोका जाता है, तो यह प्राकृतिक प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है। बार-बार ऐसा करने से ब्लैडर की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है और धीरे-धीरे ब्लैडर कमजोर होने लगता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय तक यूरिन रोकने की आदत से कई परेशानियां हो सकती हैं:
आज की बिजी लाइफस्टाइल में लोग काम को प्राथमिकता देते हुए शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करने लगते हैं। ऑफिस प्रेशर, ट्रैवल, लंबे सफर, पब्लिक वॉशरूम से झिझक और बार-बार काम में व्यस्त रहना इसकी बड़ी वजहें हैं। धीरे-धीरे यह आदत शरीर के लिए नुकसानदायक बन जाती है।
डॉ गुप्ता के मुताबिक, महिलाओं, डायबिटीज मरीजों, बुजुर्गों और कम पानी पीने वाले लोगों में UTI और ब्लैडर की समस्या का खतरा ज्यादा होता है। अगर किसी को पहले से किडनी या यूरिन इंफेक्शन की समस्या है, तो उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए।
कुछ आसान आदतें अपनाने की सलाह देते हैं:
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।