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Heatwave Alert: गर्मी का नया साइड इफेक्ट, किडनी की पथरी और UTI के मामलों में बढ़ोतरी, जानें कैसे बचें

Heatwave Alert: हाल ही में नागरिक सुरक्षा विभाग (Civil Defense Department) ने देशभर में चल रही हीटवेव (Heatwave) को लेकर अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं की किडनी स्टोन और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का Heatwave से क्या संबंध होता है?

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भारत

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Nidhi Yadav

Apr 17, 2026

Heatwave Alert

Heatwave Alert (Image- gemini)

Heatwave Alert: हाल ही में नागरिक सुरक्षा विभाग (Civil Defense Department) ने हीटवेव (Heatwave) को लेकर अलर्ट जारी किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि तापमान किडनी और यूरिनरी ट्रैक (Urinary Tract) के लिए भी बड़ा खतरा है।

The Lancet Journal में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, बढ़ते तापमान और डिहाइड्रेशन के कारण लोगों में किडनी स्टोन (पथरी) और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह स्थिति एक साइलेंट हेल्थ क्राइसिस की तरह काम कर रही है। आइए जानते हैं कि गर्मी हमारी किडनी पर ऐसा असर क्यों डालती है और इससे बचाव कैसे कर सकते हैं।

गर्मी का किडनी से क्या संबंध है?

जब तापमान ज्यादा होता है तो शरीर को ठंडा रखने के लिए हमारे शरीर से पसीना बहुत ज्यादा निकलता है। जब पसीने से पानी ज्यादा बाहर निकलता है तो पानी की कमी से हमारा पेशाब गाढ़ा होने लगता है। शरीर में मौजूद कैल्शियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड किडनी में क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगते हैं जो किडनी स्टोन का रूप ले लेते हैं।

गर्मी में क्यों बढ़ता है UTI?

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों में ज्यादा होता है। गर्म और उमस भरा मौसम बैक्टीरिया के लिए अच्छा होता है। गर्मी में जब हम पानी कम पीते हैं तो यूरिनरी ब्लैडर में से घातक बैक्टीरिया नहीं निकलते है और UTI का कारण बन जाते हैं।

गुर्दे की पथरी या इंफेक्शन होने के संकेत?

  • पेशाब करते समय जलन होना।
  • यूरिन का रंग गहरा पीला दिखाई देना।
  • कमर के निचले हिस्से में दर्द।
  • बार-बार पेशाब आना।
  • गंभीर मामलों में कंपकंपी के साथ बुखार आना।

हीटवेव से किडनी को कैसे सुरक्षित रखें?

  • दिन में कम से कम 10 से 12 गिलास पानी पीएं।
  • चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन कम करें।
  • पानी की मात्रा अधिक हो ऐसे फल खाएं।
  • दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।