शरीर में केवल एक विटामिन की कमी (vitamin deficiency) से पूरी सेहत का भंटाधार हो सकता है। हडि्डयों को चूरा बनाने (bone sawdust) से लेकर डिप्रेशन (Depression) और मोटापे (Obesity) से लेकर गंजपेन का कारण एक खास विटामिन की कमी से होने लगता है। हालांकि, इस विटामिन की कमी का संकेत शरीर देता है, अगर समय रहते इसे पहचान लिया जाए तो कई गंभीर रोग होने से पहले ही ठीक हो सकते हैं।
शरीर को किसी एक विटामिन की कमी से भी बेहद गंभीर नुकसान पहुंच सकते है।यहां बात हम विटामिन डी की कर रहे, जिसकी कमी शरीर के नाखून से बाल तक को प्रभावित करते हैं। विटामिन-डी मस्तिष्क से निकलने वाले हार्मोस को भी प्रभावित करता है। अगर विटामिन-डी की कमी होने लगे तो धीरे-धीरे हड्डियों में दर्कोद, फ्रेचर आदि की समस्या होने लगती है और इसकी गंभीर स्थिति हडि्डयों का चूरा बनाने तक होती है। तो चलिए जानें कि विटामिन डी की कमी के कारण , लक्षण और बचाव क्या हैं।
विटामिन डी का शरीर में काम- work of vitamin D
विटामिन डी शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस को नियंत्रित करता है; ये दोनों तत्व स्वस्थ हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों के लिए आवश्यक हैं। कई अध्ययनों से यह भी पता चला है कि विटामिन डी कैंसर कोशिका वृद्धि को कम कर सकता है, संक्रमण को नियंत्रित करने और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।
विटामिन डी रोज कितना लेना चाहिए-how much vitamin d should be taken daily
पुरुषों और महिलाओं को अपनी रोज की डाइट में करीब 18 माइक्रोग्राम विटामिन डी शामिल करना चाहिए। 70 साल से अधिक उम्र के लोगों को रोजाना 20 माइक्रोग्राम विटामिन डी लेना चाहिए। वहीं, उन लोगों के लिए अधिक मात्रा में विटामिन डी लेने की सिफारिश की जाती है, जिन्हें सूरज की रोशनी पर्याप्त नहीं मिलती है।
Symptoms of Vitamin D Deficiency: विटामिन-डी की कमी के लक्षण क्या हैं?
Vitamin D Rich Foods: विटामिन-डी की कमी को पूरा करने के लिए कौन-से फूड्स खाएं?
विटामिन-डी को प्राप्त करने का सबसे बेहतर तरीका सुबह व शाम की धूप लेना है. लेकिन, इसके अलावा आप इन विटामिन डी से भरपूर फूड्स का भी सेवन कर सकते हैं. जैसे-संतरा, गाय का दूध, मशरूम, कॉड लिवर ऑयल, अंडे का पीला भाग, या विटामिन डी सप्लीमेंट्स भी लिया जा सकता है।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।