क्या Vitamin D सच में Heart Attack का खतरा कम करता है? जानिए डॉक्टर की राय, स्टडी के नतीजे और किन लोगों को इससे सच में फायदा मिलता है।
Vitamin D and Heart Attack: दिल की बीमारी आज भी दुनिया भर में मौत की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। ऐसे में लोग लगातार ऐसे उपाय खोजते रहते हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा कम किया जा सके। इसी तलाश में विटामिन D को लेकर काफी चर्चा होने लगी है। कहीं कहा जाता है कि यह हार्ट अटैक का खतरा आधा कर देता है, तो कहीं इसके फायदे पूरी तरह नकार दिए जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है क्या सच में विटामिन D दिल को बचाता है या मामला थोड़ा जटिल है?
अमेरिका के मशहूर डॉक्टर डॉ. कुनाल सूद, जो एनेस्थीसियोलॉजिस्ट और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन विशेषज्ञ हैं, उन्होंने विटामिन D और दिल की सेहत के बीच के रिश्ते को आसान भाषा में समझाया है। उन्होंने 3 फरवरी को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि विटामिन D हर व्यक्ति पर एक जैसा असर नहीं करता, खासकर दिल की बीमारी के मामले में।
डॉ. सूद के मुताबिक, विटामिन D और दिल की बीमारी पर कई सालों से रिसर्च हो रही है, लेकिन नतीजे हमेशा एक जैसे नहीं रहे हैं। कुछ स्टडी में फायदा दिखा, तो कुछ में कोई खास असर नहीं मिला। इसका कारण है हर इंसान का शरीर और उसकी ज़रूरत अलग होती है। डॉ. सूद बताते हैं कि आपने शायद ऐसी हेडलाइन देखी होगी कि विटामिन D हार्ट अटैक का खतरा आधा कर देता है, लेकिन असली बात डिटेल में छुपी होती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, विटामिन D सभी के लिए फायदेमंद नहीं होता।
इस रिसर्च में पाया गया कि विटामिन D से फायदा सिर्फ उन्हीं लोगों को हुआ, जिन्हें पहले से दिल की बीमारी थी और जिनके शरीर में विटामिन D की कमी थी। जिन लोगों का विटामिन D लेवल पहले से ठीक था, उन्हें सप्लीमेंट लेने से कोई खास फायदा नहीं हुआ।डॉ. सूद कहते हैं कि जिन मरीजों में दिल की बीमारी थी और विटामिन D की कमी भी, अगर उन्हें सही मात्रा में विटामिन D दिया गया और उनका लेवल सही रखा गया, तो उनमें हार्ट अटैक का खतरा कम देखा गया। पहले की कई स्टडी इसलिए बेअसर रहीं क्योंकि सबको एक जैसी डोज दे दी गई, चाहे शरीर में कमी हो या नहीं।
डॉ. सूद के अनुसार, विटामिन D शरीर में सूजन को कंट्रोल करने, नसों को स्वस्थ रखने और कैल्शियम का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। ये सभी चीजें दिल की सेहत से जुड़ी होती हैं। हालांकि, वे यह भी साफ कहते हैं कि विटामिन D कोई जादुई इलाज नहीं है। यह न तो दवाइयों का विकल्प है और न ही हेल्दी लाइफस्टाइल का। सही खानपान, एक्सरसाइज, ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल करना अब भी सबसे जरूरी है।