Weight Loss Injection Side Effects: वजन घटाने के इंजेक्शन का बढ़ता ट्रेंड बना खतरा। नकली वेट लॉस इंजेक्शन से हो सकते हैं गंभीर नुकसान। जानें डॉक्टर क्या कहते हैं और कैसे करें बचाव।
Weight Loss Injection Side Effects: आजकल वजन कम करने के लिए लगने वाले इंजेक्शन काफी ट्रेंड में हैं। लोग जल्दी रिजल्ट पाने के चक्कर में इन्हें इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन इसके साथ एक बड़ा खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है नकली (फेक) वेट लॉस इंजेक्शन। ये नकली दवाएं शरीर को फायदा पहुंचाने के बजाय गंभीर नुकसान दे सकती हैं।
डॉक्टर डॉ. रवि मलिक के मुताबिक, भारत में नकली दवाओं का मुद्दा नया नहीं है, लेकिन अब इसका स्तर और भी ज्यादा बढ़ गया है। वे बताते हैं कि “देश में दवाओं को लेकर नियम तो बने हुए हैं, लेकिन हर जगह सही तरीके से लागू नहीं हो पाते। इसी वजह से नकली दवाएं सप्लाई चेन में आसानी से घुस जाती हैं।”
सोशल मीडिया, सेलिब्रिटी और जल्दी वजन घटाने के लालच में लोग बिना डॉक्टर की सलाह के ये इंजेक्शन लेने लगे हैं। यही वजह है कि इनकी डिमांड बढ़ी और नकली प्रोडक्ट्स भी मार्केट में फैल गए।
Journal of Medicine, Surgery, and Public Health में छपी रिसर्च के अनुसार, नकली वेट लॉस इंजेक्शन शरीर के अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनमें कई बार असली दवा का एक्टिव इंग्रीडिएंट ही नहीं होता या फिर खतरनाक केमिकल मिले होते हैं।
अगर दवा में असली तत्व नहीं है, तो वजन कम ही नहीं होगा और बीमारी भी बनी रहेगी। अज्ञात या जहरीले पदार्थ शरीर में जाकर गंभीर रिएक्शन कर सकते हैं। कई मामलों में मरीज को अस्पताल तक जाना पड़ सकता है, जिससे खर्च और परेशानी दोनों बढ़ जाते हैं। डॉ. रवि मलिक बताते हैं कि “अगर मरीज को सही दवा नहीं मिलती, तो इलाज फेल हो जाता है। कई बार नकली दवाओं में जहरीले तत्व होते हैं जो सीधे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं।”
Pharmaceutical Medicines Journal की रिसर्च बताती है कि नकली दवाएं एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस (दवाओं का असर कम होना) भी बढ़ा सकती हैं, जिससे भविष्य में इलाज और मुश्किल हो जाता है।
डॉ. शिल्पा भट्टे के अनुसार, WHO के मुताबिक, लो और मिडिल इनकम देशों में हर 10 में से 1 दवा नकली या घटिया हो सकती है। यह एक गंभीर पब्लिक हेल्थ समस्या है।
कुल मिलाकर, वेट लॉस इंजेक्शन तभी सुरक्षित हैं जब वे असली हों और डॉक्टर की निगरानी में लिए जाएं। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े खतरे से बचा सकती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।