Heart Health: आज के इस लेख में डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल गोरखपुर में तैनात कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर रोहित गुप्ता से जानते हैं कि Lp(a) क्या होता है, यह दिल को कैसे नुकसान पहुंचाता है और इसका पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट करवाना चाहिए। इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से।
Heart Health: आज के समय में अगर कोई व्यक्ति फिजिकली एक्टिव होने के साथ ही अपना वजन भी एकदम सही रखता है और बाहर से पूरी तरह फिट दिखता है, तो भी उसे सावधान रहने की जरूरत है। दरअसल हाल ही में ऐसे लोग जब अचानक से टेस्ट करा रहे हैं, तो उन्हें पता चल रहा है कि उनके दिल की नसों में ब्लॉकेज शुरू हो गया है। इस परेशानी से जुड़ी सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि यह किसी लापरवाही की वजह से नहीं, बल्कि जेनेटिक्स की वजह से हो रहा है, जिसे Lipoprotein(a) या Lp(a) कहते हैं।
भारत और दक्षिण एशिया के लोगों में यह समस्या बहुत ज्यादा देखी जा रही है, जहां हर 4 में से 1 व्यक्ति का Lp(a) लेवल बढ़ा हुआ हो सकता है। आइए, आज के इस लेख में डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल गोरखपुर में तैनात कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर रोहित गुप्ता से जानते हैं कि Lp(a) क्या होता है, यह दिल को कैसे नुकसान पहुंचाता है और इसका पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट करवाना चाहिए। इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से।
Lp(a) खून में मौजूद एक तरह का बैड कोलेस्ट्रॉल होता है, लेकिन यह आम कोलेस्ट्रॉल से कहीं ज्यादा खतरनाक है। इसमें एक खास तरह का प्रोटीन होता है जो इसे बहुत चिपचिपा बना देता है। इसकी सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि इसका डाइट या कसरत से कोई मतलब नहीं होता है। यह माता-पिता से विरासत यानी जीन्स में मिलता है। यही कारण है कि एक जिम जाने वाला फिट इंसान भी इसका शिकार हो सकता है।
Lp(a) मुख्य रूप से तीन तरीकों से शरीर पर हमला करता है। पहला, यह नसों की दीवारों में घुसकर कोलेस्ट्रॉल जमा देता है जिससे नसें संकरी यानी पतली हो जाती हैं। दूसरा, यह इतना चिपचिपा होता है कि नसों के अंदर सूजन पैदा करता है, जिससे जमा हुआ प्लाक कभी भी फट सकता है और अचानक हार्ट अटैक ला सकता है। तीसरा, यह खून के थक्के (Clots) जमने की प्रक्रिया को बढ़ा देता है, जिससे स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है।
Lp(a) की जांच एक साधारण ब्लड टेस्ट से होती है। चूंकि इसका लेवल पूरी जिंदगी लगभग एक जैसा ही रहता है, इसलिए इसे बार-बार करवाने की जरूरत नहीं पड़ती। यह टेस्ट उन लोगों को जरूर करवाना चाहिए जिनके परिवार में किसी को कम उम्र में दिल की बीमारी हुई हो, या जिनका नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल होने के बाद भी हार्ट की नसें ब्लॉक हो रही हों। इसके अलावा हो सके तो हर भारतीय को एक बार यह टेस्ट जरुर करवाना चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल की आम दवाएं इसे ज्यादा कम नहीं कर पातीं, बल्कि कई बार ये इसे 10-20% बढ़ा भी सकती हैं। फिलहाल, इसे कम करने के लिए कुछ खास इंजेक्शन दिए जाते हैं जो इसे 20-30% तक कम कर सकते हैं। लेकिन इससे ज्यादा परेशान होने की बात नहीं है क्योंकि इसके इलाज से जुड़ी एक दवा पर ट्रायल चल रहा है जो इसे 85% तक कम कर देगी। यह दवा 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक बाजार में आ सकती है।
जब तक इसकी पक्की दवा मार्केट में नहीं आती, तब तक आपको दूसरी चीजों पर कड़ी नजर रखनी होगी। अगर आपका Lp(a) हाई है, तो अपने बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बहुत कम (30 mg/dL से नीचे) रखने की कोशिश करें। इसके अलावा ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें, शुगर से बचें, स्मोकिंग से कोसों दूर रहें और रोज कसरत करें। इसके साथ ही अगर आपको Lp(a) का खतरा हो गया है, तो बीपी और शुगर जैसी दूसरी बीमारियों को कंट्रोल में रखें।