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नाक वाला स्प्रे भी फ्लू रोकने में हो सकता है मददगार, नई स्टडी में हुआ खुलासा

Nasal Spray Flu Vaccine: ऑस्ट्रेलिया में SNIFFLES नाम से एक नई स्टडी शुरू हुई है, इसमें बच्चों को इंजेक्शन की जगह एक Nasal Spray (नाक में डालने वाला स्प्रे) दिया जा रहा है। मकसद यह देखना है कि क्या यह स्प्रे सुई वाले इंजेक्शन जितना ही असरदार है और क्या इससे बच्चों का वैक्सीनेशन आसान हो जाएगा।

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भारत

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Nidhi Yadav

May 12, 2026

Nasal Spray Flu Vaccine, SNIFFLES Study Australia, FluMist for Children,

Nasal Spray Flu Vaccine (Image- gemini)

Nasal Spray Flu Vaccine: बच्चों को डॉक्टर के पास ले जाना और उन्हें सुई लगवाना किसी जंग से कम नहीं होता। सुई देख कर ही बच्चे रोने लगते हैं। हाल ही में Murdoch Children’s Research Institute की एक रिसर्च में फ्लू नेजल स्प्रे सामने आई है जो बच्चों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कि ये नेजल स्प्रे कैसे काम करती है? क्या है ये नई स्टडी और क्या ये इंजेक्शन से बेहतर है?

क्या है ये नेजल स्प्रे? (The Painless Option)

नाक से दी जाने वाली यह वैक्सीन अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में लंबे समय से उपयोग में है। लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया में फ्लूमिस्ट के नाम से इसका परीक्षण किया जा रहा है। इसमें बच्चों को सुई चुभाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि दवा को सीधे नाक के जरिए शरीर में पहुंचाया जाता है।

SNIFFLES स्टडी क्यों है ये इतनी खास?

विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया) में 2 से 9 साल के बच्चों पर यह रिसर्च हो रही है। इसमें डॉक्टर यह चेक कर रहे हैं कि क्या नाक वाला स्प्रे इंजेक्शन जितना ही बच्चों को सुरक्षा देता है? बच्चों का इम्यून सिस्टम इस स्प्रे पर कैसे रियेक्ट करता है? इसके रिजल्ट्स से WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) को भी मदद मिलेगी ताकि वो दुनिया भर के लिए बेहतर फ्लू वैक्सीन बना सकें।

कैसे काम करता है ये स्प्रे?

यह स्प्रे सीधे नाक की परत पर एक सुरक्षा कवच बनाता है। इसका फायदा यह है कि यह वायरस को शरीर के अंदर घुसने से पहले ही रोकने की कोशिश करता है, जिससे इन्फेक्शन फैलने का खतरा काफी कम हो जाता है।

सुई vs स्प्रे: कौन सा बेहतर है?

सुई में दर्द और डर होता है, जबकि स्प्रे एकदम पेनलेस (बिना दर्द वाला) है। स्प्रे वहीं असर करता है जहां फ्लू सबसे पहले हमला करता है यानी हमारी नाक और गले में। दोनों के साइड इफेक्ट्स बहुत हल्के होते हैं, जैसे नाक बहना या हल्का सिर दर्द।

क्या हर बच्चा इसे ले सकता है?

ज्यादातर 2 साल से बड़े बच्चों के लिए यह सुरक्षित है। लेकिन अगर किसी बच्चे को बहुत ज़्यादा अस्थमा है या उनका इम्यून सिस्टम बहुत कमज़ोर है, तो उन्हें नेजल स्प्रे की जगह डॉक्टर से सलाह लेकर इंजेक्शन ही लगवाना चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।