World AIDS Day 2025: HIV अभी तक लाइलाज क्यों है? जानें वायरस की विशेषताएं, शुरुआती लक्षण और कैसे ART दवाएं इसे कंट्रोल करती हैं।
World AIDS Day 2025 : हर साल 1 दिसंबर को World AIDS Day मनाया जाता है, ताकि लोगों में HIV और AIDS को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस साल भी दुनिया भर में एचआईवी महामारी का अंत (Ending the HIV Epidemic) की अपील की जा रही है, लेकिन बड़ा सवाल बना हुआ है, इतनी तरक्की के बाद भी HIV का इलाज क्यों नहीं मिल पाया?
HIV अभी भी लाइलाज इसलिए है क्योंकि यह वायरस शरीर के इम्यून सिस्टम पर हमला करता है, तेजी से अपना रूप बदलता है और ऐसी जगहों पर छुप जाता है जहां दवाइयां पहुंच ही नहीं पातीं। यही कारण है कि आज भी ART दवाएं HIV को कंट्रोल तो कर सकती हैं, लेकिन शरीर से पूरी तरह खत्म नहीं कर पातीं।
HIV दुनिया के सबसे तेजी से बदलने वाले वायरस में शामिल है। इसकी प्रत्येक कॉपी में छोटी गलती (mutation) बनती है, जिससे वायरस बार-बार अपना नया रूप बना लेता है। यही वजह है कि कोई भी एक दवा या वैक्सीन हर रूप पर काम नहीं करती।
हमारा इम्यून सिस्टम CD4+ T-cells से वायरस से लड़ता है। लेकिन HIV इन्हीं कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। यानी जो कोशिकाएं हमें बचाती हैं, HIV उन्हें ही खत्म कर देता है। ऐसे में शरीर किसी भी संक्रमण से आसानी से हारने लगता है और स्थिति AIDS तक पहुंच जाती है।
HIV आंत, दिमाग और लिम्फ नोड्स जैसे स्थानों में छिपे हुए ठिकाने (reservoirs) बना लेता है। ART दवाएं सिर्फ सक्रिय वायरस को रोकती हैं, लेकिन जो वायरस छिपे रहते हैं उन पर कोई असर नहीं होता। दवा बंद होते ही यही छुपे वायरस फिर सक्रिय हो जाते हैं।
HIV में दो तरह के इलाज पर रिसर्च चल रही है। जिसमें पहला है स्टरलाइजिंग इलाज (Sterilizing Cure) शरीर से HIV का एक भी अंश न बचे। दूसरा है, कार्यात्मक इलाज जिसमें HIV मौजूद रहे, लेकिन कभी एक्टिव न हो। अभी तक Functional Cure कुछ बेहद दुर्लभ मरीजों में ही संभव हो पाया है। हर किसी के लिए यह तरीका अभी संभव नहीं है।
HIV पर रिसर्च लगातार चलती है लेकिन देशों की प्राथमिकताएं बदलती रहती हैं। कई बार फंडिंग कम हो जाती है या नई महामारियों (जैसे COVID-19) के कारण HIV शोध पीछे हो जाता है। यही वजह है कि अभी तक HIV Cure की दिशा में एकसमान और तेज प्रगति नहीं हो पाई।
HIV को शुरुआती स्टेज में पकड़ लेना सबसे बड़ा बचाव है। आज ART दवाओं की वजह से HIV मरीज पूरी तरह सामान्य ज़िंदगी जी सकते हैं, बशर्ते कि समय पर टेस्ट, नियमित दवा और सुरक्षित व्यवहार का पालन किया जाए। इस दिन लोगों को याद दिलाया जाता है कि HIV भले लाइलाज हो, लेकिन कंट्रोल योग्य और मैनेज करने योग्य है, और बेहद सुरक्षित जीवन संभव है।
HIV के लक्षण अक्सर सामान्य वायरल फ्लू जैसे होते हैं, इसलिए लोग ध्यान नहीं देते। इसमें बुखार, गले में दर्द, थकान, शरीर पर रैश, वजन कम होना, बार-बार संक्रमण होना, ग्रंथियों का सूजना होना शामिल है। कोई भी संदिग्ध एक्सपोजर होने पर तुरंत टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती इलाज ही HIV को नियंत्रण में रखने का एकमात्र तरीका है।