
Zenker’s Diverticulum Symptoms: क्या आपको कभी ऐसा महसूस हुआ है कि खाना निगलते समय वह गले में ही अटक गया है? या फिर खाना खाने के घंटों बाद अचानक वह बिना पचे ही वापस मुंह में आ जाता है? कई बार लोग इसे एसिडिटी, साधारण अपच या उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर इस समस्या के साथ-साथ मुंह से लगातार तेज बदबू भी आ रही है, तो यह पाचन तंत्र से जुड़ी एक दुर्लभ बीमारी का संकेत हो सकती है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में जेंकर्स डायवर्टिकुलम (Zenker’s Diverticulum) कहा जाता है। यह समस्या हमारे गले की मांसपेशियों में कमजोरी के कारण होती है। आइए जानते हैं कि जेंकर्स डायवर्टिकुलम क्या है, इसके मुख्य लक्षण क्या हैं और इसका इलाज कैसे किया जाता है।
मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार, जेंकर्स डायवर्टिकुलम हमारे गले के निचले हिस्से (फूड पाइप या ग्रास नली के ठीक ऊपर) में बनने वाली एक छोटी सी थैली या पॉकेट (Pouch) जैसी रचना है। जब हम खाना खाते हैं, तो गले की मांसपेशियां फैलती और सिकुड़ती हैं ताकि भोजन पेट तक पहुंच सके। लेकिन जब गले की निचली मांसपेशी (जिसे क्रिकोफेरिंजियस मांसपेशी कहते हैं) जरूरत से ज्यादा सख्त या कमजोर हो जाती है, तो भोजन को नीचे जाने में बहुत जोर लगाना पड़ता है। इस दबाव के कारण गले की दीवार का कमजोर हिस्सा बाहर की तरफ गुब्बारे या थैली की तरह उभर जाता है। इसी उभरी हुई थैली को जेंकर्स डायवर्टिकुलम कहा जाता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब गले में यह थैली बन जाती है, तो इसमें खाया हुआ भोजन और तरल पदार्थ अटकने लगते हैं। इसके कारण मरीज को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है;
जेंकर्स डायवर्टिकुलम की समस्या बहुत आम नहीं है, लेकिन कुछ लोगों में इसका जोखिम अधिक देखा गया है;
अगर जेंकर्स डायवर्टिकुलम का समय पर इलाज न कराया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकती है;
अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षण महसूस होते हैं, तो डॉक्टर से मिलकर जांच करानी चाहिए। डॉक्टर आमतौर पर बेरियम स्वैलो टेस्ट (Barium Swallow Test) के जरिए इस थैली की सटीक जगह और साइज का पता लगाते हैं। यह एक शारीरिक थैली बन जाती है, इसलिए यह केवल दवाओं से पूरी तरह ठीक नहीं होती। डॉक्टर एंडोस्कोपी या छोटी सर्जरी के जरिए उस थैली को हटा देते हैं या उसकी दीवार को काटकर गले का रास्ता सामान्य कर देते हैं। जब तक इलाज शुरू नहीं होता, तब तक धीरे-धीरे और चबा-चबाकर खाना खाएं, खाना खाने के तुरंत बाद न लेटें और बहुत ज्यादा गाढ़ा या सूखा खाना खाने से बचें।